
अमेरिका द्वारा ईरान के न्यूक्लियर साइट पर हमला किए जाने के बाद डोनाल्ड ट्रंप विपक्षी नेताओं के सवालों के घेरे पर हैं। ये मुद्दा अब सीनेट तक पहुंच गया है। यहां से ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को चेताया है।
इजरायल और ईरान युद्ध के दौरान अमेरिका ने ईरान के तीन न्यूक्लियर साइट पर हमला किया था। इसके बाद से ट्रंप अपने विरोधियों के निशाने पर हैं। अमेरिका के सीनेट ( कांग्रेस का ऊपरी सदन) में इसको लेकर बहस भी हुई। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान पर आगे बढ़ने से रोकने के लिए सीनेट में विपक्षी पार्टी डेमोक्रेटिक पार्टी का प्रयास शुक्रवार को विफल हो गया।
ट्रंप को कांग्रेस से लेनी चाहिए थी अनुमति
रिपब्लिकन पार्टी ने कांग्रेस द्वारा ईरान के न्यूक्लियर साइट पर अमेरिकी हमलों के बाद अपनी युद्ध शक्तियों को फिर से स्थापित करने के पहले प्रयास को चिह्नित करने वाले प्रस्ताव का विरोध किया। वर्जीनिया के सीनेटर टिम कैन द्वारा लिखित प्रस्ताव का उद्देश्य यह पुष्टि करना था कि ईरान के खिलाफ और अधिक सैन्य कार्रवाई शुरू करने से पहले ट्रंप को कांग्रेस से अनुमति लेनी चाहिए।
सीनेट में क्या बोले ट्रंप?
शुक्रवार को यह पूछे जाने पर कि क्या वह आवश्यक समझे जाने पर फिर से ईरान के न्यूक्लियर साइट पर बमबारी करेंगे। इस पर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘हां, जरूर बिना किसी सवाल के।’ वहीं, सीनेट में इस प्रस्ताव के पारित होने को एक लंबी कोशिश के रूप में देखा गया है।
सीनेट में ट्रंप के समर्थन में कई लोग
सीनेट में रिपब्लिकन के पास 53-47 का बहुमत हैं। वे ईरान पर हमला करने के राष्ट्रपति के फैसले के समर्थन में भारी संख्या में खड़े हैं। अधिकांश लोगों का कहना है कि ईरान एक बड़ा खतरा है। इसके लिए ट्रंप से निर्णायक कार्रवाई की आवश्यकता है। उन्होंने कांग्रेस की मंजूरी लिए बिना पिछले हफ्ते तीन ईरान के तीन न्यूक्लियर साइट पर बमबारी करने के उनके फैसले का समर्थन भी किया है।








