भारत और ब्राजील के बीच हो सकता है बड़ा रक्षा समझौता

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भारत और ब्राजील के बीच हो सकता है बड़ा रक्षा समझौता
पीएम मोदी की ब्राजील समेत पांच देशों की एक सप्ताह की यात्रा में ब्राजील एक अहम पड़ाव साबित होनेवाला है। इस यात्रा का मुख्य केंद्र बिंदु ब्राज़ील के शहर रियो डी जनेरियो का दौरा होगा, जहां वह छह और सात जुलाई को होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मेक फॉर वर्ल्ड इस समय भारतीय शस्त्र व्यवस्था को मज़बूत बना रहा है। इसलिए भारतीय हथियारों को अब कई देश ख़रीदना चाहते हैं। इस कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ब्राज़ील दौरा बेहद ख़ास होने वाला है। इस दौरान दोनों देशों के बीच एक बड़े रक्षा समझौते पर मुहर लग सकती है।

पीएम मोदी के विदेश दौरे का अहम पड़ाव

पीएम मोदी की ब्राजील समेत पांच देशों की एक सप्ताह की यात्रा में ब्राजील एक अहम पड़ाव साबित होनेवाला है। इस यात्रा का मुख्य केंद्र बिंदु ब्राज़ील के शहर रियो डी जनेरियो का दौरा होगा, जहां वह छह और सात जुलाई को होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इसके साथ ही पीएम मोदी ब्राजील के राष्ट्रपति लुईज इनासियो लूला दा सिल्वा के साथ भी व्यापक वार्ता करेंगे। इसमें रक्षा सौदा भी अहम होगा। दोनों देश रक्षा सहयोग बढ़ाने पर बात करेंगे।

इन रक्षा उपकरणों में ब्राजील की रुचि

दरअसल, ब्राजील भारत से रक्षा उपकरण खरीदना चाहता है। इनमें आकाश एयर डिफेंस सिस्टम और गरुड़ आर्टिलरी गन शामिल हैं। इस दौरान साझा रिसर्च और टेक्नोलॉजी का आदान-प्रदान भी होगा। ब्राजील युद्ध के मैदान में सुरक्षित कम्युनिकेशन सिस्टम चाहता है। इसमें संयुक्त रिसर्च, टेक्नोलॉजी का आदान-प्रदान और ट्रेनिंग शामिल है। ब्राजील कुछ खास चीजों में दिलचस्पी दिखा रहा है। उन्हें युद्ध के मैदान में सुरक्षित कम्युनिकेशन सिस्टम, अपतटीय गश्ती पोत (OPV) और स्कॉर्पीन पनडुब्बियों को बनाए रखने में भारत की मदद चाहिए। इसके अलावा, ब्राजील आकाश एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय निगरानी प्रणाली और गरुड़ आर्टिलरी गन में भी रुचि दिखा रहा है।

ब्राजील में ब्रिक्स सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे पीएम मोदी

बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी 5 से 8 जुलाई तक ब्राजील में रहेंगे। इसके बाद वह घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना और नामीबिया भी जाएंगे। पीएम मोदी ने ब्राजील समेत पांच देशों की एक सप्ताह की यात्रा के लिए रवाना होते समय कहा कि भारत उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में ब्रिक्स को लेकर प्रतिबद्ध है। ब्रिक्स में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। बाद में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात को भी इसमें शामिल कर इसका विस्तार किया गया।

विदेश यात्रा से पहले पीएम मोदी ने क्या कहा?

पीएम मोदी ने प्रस्थान के समय अपने बयान में कहा, ‘‘हम मिलकर एक अधिक शांतिपूर्ण, समतापूर्ण, न्यायसंगत, लोकतांत्रिक और संतुलित बहुध्रुवीय वैश्विक व्यवस्था बनाने के लिए प्रयासरत हैं।’’ मोदी ब्राजील में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने और ‘ग्लोबल साउथ’ के कई प्रमुख देशों के साथ भारत के संबंधों को प्रगाढ़ करने के लिए पांच देशों की यात्रा कर रहे हैं।‘ग्लोबल साउथ’ से तात्पर्य उन देशों से है, जिन्हें विकासशील, अल्प विकसित या अविकसित माना जाता है तथा जो मुख्य रूप से अफ्रीका, एशिया और लातिन अमेरिका में स्थित हैं।

 

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Author: Red Max Media

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