बिहार विधानसभा चुनाव: AIMIM की बड़ी पहल

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

ओवैसी
AIMIM ने आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद को एक चिट्ठी लिखी है जिसमें पार्टी को महागठबंधन में शामिल करने का अनुरोध किया गया है। यह चिट्ठी AIMIM की बिहार ईकाई के अध्यक्ष अख्तरूल ईमान ने लिखी है।

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले असदुद्दीन ओवैसी की अगुवाई वाली AIMIM ने एक बड़ी पहल करते हुए आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद को एक चिट्ठी लिखी है जिसमें पार्टी को महागठबंधन में शामिल करने का अनुरोध किया गया है। यह चिट्ठी AIMIM की बिहार ईकाई के अध्यक्ष अख्तरूल ईमान ने लिखी है।

सेक्यूलर वोटों के बिखराव को रोकना जरूरी

इस चिट्ठी में उन्होंने लालू प्रसाद को संबोधित करते लिखा-‘आप इस बात से अच्छी तरह अवगत है कि 2015 से बिहार की राजनिति में AIMIM पार्टी अपनी सक्रिय भूमिका निभा रही है। पार्टी का पहले ही दिन से प्रयास रहा है कि चुनाव के समय सेक्यूलर वोटों का बिखराव ना हो। इस सच से इन्कार नहीं किया जा सकता है कि सेक्यूलर वोटों के बिखराव के कारण ही साम्प्रदायिक शक्तियों को सत्तासीन होने का अवसर मिलता है। इसी उद्देश्य से हमने पिछले विधानसभा एवं लोक सभा चुनाव के समय महागठबंधन में शामिल होने की इच्छा व्यक्त की थी, किन्तु हमारा प्रयास सफल नहीं हो सका।

प्रस्ताव पर सकारात्मक निर्णय का अनुरोध

उन्होंने आगे लिखा- वर्ष 2025 विधानसभा का चुनाव हमारे सामने है, इसलिए हमारी इच्छा है कि AIMIM पार्टी को महागठबंधन में शामिल किया जाए। इस संबंध में मैंने पार्टी (राजद, कॉग्रेस एवं लेफ्ट) के कई वरिष्ठ नेताओं को मौखिक एवं फोन के माध्यम से सूचित भी किया है जिसकी चर्चा मिडिया में भी है। यदि हम सब मिलकर आगामी विधानसभा चुनाव लड़ते हैं तो मुझे पूरा विश्वास है कि सेक्यूलर वोटों  के बिखराव को रोकने में सफल हो सकेंगे और फलस्वरूप बिहार की अगली सरकार महागठबंधन की ही बनेगी। आशा है कि इस प्रस्ताव पर आप सकारात्मक निर्णय लेते हुए यथाशीघ्र अवगत कराने का कष्ट करेंगे।

2020 के चुनाव में सीमांचल की पांच सीटों पर मिली थी जीत

बता दें कि बिहार की सियासत में 2020 के विधानसभा चुनाव में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पांच सीटों पर जीत हासिल की थी। सीमांचल के मुस्लिम बहुल इलाकों से उसके पांच विधायक चुनाव जीतने में सफल रहे थे। इस जीत ने AIMIM को बिहार विधानसभा में एक महत्वपूर्ण ताकत बना दिया था और माना जा रहा था कि पार्टी राज्य की राजनीति में लंबी पारी खेलेगी। लेकिनचुनाव के लगभग डेढ़ साल बाद पूरा खेल पलट गया। 29 जून 2022 को IMIM को एक बड़ा झटका देते हुए, उसके पांच में से चार विधायकों ने पार्टी छोड़ दी और तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का दामन थाम लिया। अख्तरुल ईमान अकेले विधायक जो पार्टी में रहे जिन्होंने AIMIM नहीं छोड़ी और पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा बनाए रखी। यह ओवैसी की पार्टी के लिए बिहार में अपने विस्तार की योजनाओं पर एक बड़ा आघात था।

Red Max Media
Author: Red Max Media

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें