
जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के नियमों में बदलाव हुआ है। 21 दिनों तक बच्चों का जन्म प्रमाणपत्र मुफ्त बनेगा लेकिन उसके बाद शुल्क लगेगा। 22 से 30 दिनों के बीच 30 रुपये 31 दिन से एक साल तक 50 रुपये और एक साल से ऊपर 100 रुपये शुल्क लगेगा। जिला सांख्यिकी पदाधिकारी ने बताया कि नया नियम लागू हो गया है।
जन्म प्रमाणपत्र कई तरह के कार्यों में महत्वपूर्ण दस्तावेज के रूप में काम करता है। सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ उठाने के लिए यह आवश्यक है।
इसी तरह, किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाना अनिवार्य है। जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र समय पर नहीं बनवाने पर अब अधिक शुल्क देना पड़ेगा।
- 21 दिनों तक बच्चों के लिए जन्म प्रमाणपत्र निशुल्क बनाया जाएगा, इससे अधिक दिन होने पर अलग-अलग शुल्क लागू किया गया है।
- 22 से 30 दिनों के बीच जन्म या मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने पर 30 रुपये शुल्क देने होंगे, पहले मात्र दो रुपये शुल्क लिया जाता था।
- 31 दिन से 365 दिन यानी एक साल के अंदर तक जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने पर 50 रुपये शुल्क देना होगा, पहले मात्र पांच रुपये शुल्क लिया जाता था।
- एक वर्ष से ऊपर के बाद जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए 100 रुपये शुल्क देना पड़ेगा, पहले 10 रुपये था।
नया शुल्क 16 जून से लागू कर दिया गया है। सांख्यिकी विभाग ने सभी पंचायत सचिव को लॉगिन उपलब्ध करा दिया है।
31 दिन से ज्यादा समय बीतने पर लेनी होगी अनुमति
31 दिन से 365 दिन के बीच जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए जिला सांख्यिकी पदाधिकारी से आदेश लेना पड़ेगा, जबकि एक वर्ष से ऊपर वाले के लिए जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी से आदेश के बाद ही जन्म-मृत्यु प्रमाण निर्गत किया जाएगा। प्रमाणपत्र के लिए पंचायत सचिव के पास आवेदन किया जाता है।
क्या कहते हैं पदाधिकारी?
सभी पंचायत सचिव को प्रशिक्षण दिया गया है और नए प्रविधान के तहत लॉग-इन उपलब्ध करा दिया गया है। शुल्क में बढ़ोतरी की गई है। – विपिन प्रसाद, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी








