
गुजरात के सूरत एयरपोर्ट पर मधुमक्खियों के हमले की वजह से फ्लाइट लेट हो गई और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सूरत एयरपोर्ट से शाम 4:20 बजे फ्लाइट को रवाना होना था।
क्या है पूरा मामला?
सूरत एयरपोर्ट से शाम 4:20 बजे फ्लाइट रवाना हो रही थी। तभी विमान पर मधुमक्खियों का झुंड उतर आया। मधुमक्खियों ने विमान के लगेज वाले गेट पर हमला किया। झुंड के चलते लगेज चढ़ाने का कार्य बंद हुआ। वहीं यात्रियों की बोर्डिंग भी प्रभावित हुई।
इसके बाद धुंआ करके मधुमक्खियों को हटाने की कोशिश की गई लेकिन जब इससे भी वह नहीं भागीं तो फायर ब्रिगेड की तेज बौछार से उन्हें हटाया गया। इसके बाद जाकर मधुमक्खियों ने जयपुर के लिए उड़ान भरी।
मिली जानकारी के मुताबिक, मधुमक्खियों का हमला उस वक्त हुआ, जब यात्री विमान में बैठ गए थे और उनके लगेज को रख दिया गया था लेकिन इनका झुंड ओपन लगेज डोर पर जाकर बैठ गया। जिसके बाद इन्हें हटाने की कोशिश की जाने लगी।
कितनी खतरनाक होती हैं मधुमक्खियां?
मधुमक्खियां आमतौर पर तब तक खतरनाक नहीं होतीं, जब तक उन्हें खतरा महसूस न हो। वे अपनी रक्षा के लिए डंक मारती हैं, जो दर्दनाक हो सकता है और कुछ लोगों में एलर्जी प्रतिक्रिया पैदा कर सकता है।
मधुमक्खी का डंक तेज दर्द, लालिमा और सूजन पैदा कर सकता है, जो आमतौर पर कुछ घंटों या 1-2 दिनों में ठीक हो जाता है। कुछ लोगों को मधुमक्खी के डंक से गंभीर एलर्जी (एनाफिलैक्सिस) हो सकती है, जो सांस लेने में तकलीफ, चक्कर आना या बेहोशी जैसे लक्षण पैदा कर सकती है। यह जानलेवा हो सकता है और तुरंत चिकित्सा सहायता की जरूरत होती है। अगर मधुमक्खियों का छत्ता छेड़ा जाए, तो वे झुंड में हमला कर सकती हैं। कई डंक मारने से गंभीर दर्द, विषाक्तता (टॉक्सिक रिएक्शन) या मृत्यु तक हो सकती है, खासकर अगर सैकड़ों डंक हों।








