QR कोड तय करेगा वक्फ संशोधन बिल की सूरत?

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QR कोड तय करेगा वक्फ संशोधन बिल की सूरत? मुस्लिम संगठनों ने अपनाया हाईटेक तरीका मुस्लिम संगठनों ने एक खास QR कोड बनाया गया है, जिसकी मदद से सीधे उस पेज पर जाया जा सकता है, जहां इस बिल के खिलाफ अपनी राय दर्ज की जा सके। आल इंडिया मिल्ली काउंसिल ने बीते शुक्रवार को बेंगलुरू में इस सिलसिले में एक मीटिंग का आयोजन किया।

वक्फ संशोधन बिल की खिलाफत के लिए तमाम मुस्लिम संगठन लामबंद हो रहे हैं। यह बिल संसद में लाया गया था और विपक्ष के नेताओं के विरोध के बाद इसे संसद की संयुक्त समिति के पास भेज दिया गया। फिलहाल संसद की संयुक्त समिति इस बिल पर चर्चा कर रही है और जरूरी बदलाव के बाद यह बिल दोबारा सरकार के पास भेजा जाएगा। इसके बाद यह बिल संसद में दोबारा पेश होगा और बहस के बाद कानून का रूप लेगा।

राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद इस कानून को लागू किया जा सकेगा। फिलहाल सरकार ने इस एक्ट में प्रस्तावित संशोधन को लेकर आम लोगों से सुझाव मांगे हैं। ऐसे में सभी मुस्लिम संगठन देश के मुस्लिम समाज से लगातार अपील कर रहे हैं कि इस बिल के विरोध ज्यादा से ज्यादा आवाज उठाई जाए। इस प्रक्रिया में ज्यादा से ज्यादा मुस्लिम भाग लें, इसे देखते हुए सोशल मीडिया के जरिये इसकी खिलाफत की मुहिम चलाई जा रही है।

मुस्लिम संगठनों ने बनाया QR कोड

मुस्लिम संगठनों ने एक खास QR कोड बनाया गया है, जिसकी मदद से सीधे उस पेज पर जाया जा सकता है, जहां इस बिल के खिलाफ अपनी राय दर्ज की जा सके। आल इंडिया मिल्ली काउंसिल ने बीते शुक्रवार को बेंगलुरू में इस सिलसिले में एक मीटिंग का आयोजन किया। मीटिंग में सर्व सम्मति से ये प्रस्ताव पारित किया गया कि वक्फ बिल के खिलाफ पूरे देश में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। इस प्रस्तावित कानून के खिलाफ देश के ज्यादा से ज्यादा मुसलमानों को एक जुट किया जाएगा।

दिल्ली में स्पीकर पर हो रहा ऐलान

दिल्ली से एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ मुस्लिम युवक हाथ में माइक और स्पीकर लेकर गली-गली घूम रहे हैं। ये लोग आम जनता से सुझाव देने की अपील करने के साथ ही उन्हें भड़काने का काम भी कर रहे हैं। वीडियो में इन युवकों को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि अगर यह कानून आया तो आपसे आपकी मस्जिदें, ईदगाह और कब्रिस्तान छीन लिए जाएंगे। हालांकि, सरकार का कहना है कि यह बिल मुस्लिम समुदाय के हित में है। इससे वक्फ बोर्ड की संपत्तियों का रखरखाव आसान होगा और विवादित संपत्तियों का निपटारा करना आसान होगा।

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Author: Red Max Media

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