
राहुल गांधी एक बार फिर अमेरिका दौरे पर हैं, उनकी विदेश यात्राएं हमेशा चर्चा में रहती हैं. वजह साफ है कि जब भी वे विदेश यात्रा पर जाते हैं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लेते हैं और उनपर जोरदार हमले करते हैं. इस बार उन्होंने कहा है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को अप्रत्याशित परिणाम हासिल हुए जिसके बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साइकोलाॅजिकल ट्रैप में हैं. आखिर क्यों राहुल गांधी विदेश जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमले बढ़ा देते हैं और इसके पीछे उनकी रणनीति क्या है, इसकी पड़ताल करती है ये स्टोरी.
प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी अमेरिका के तीन दिवसीय दौरे पर हैं. नेता प्रतिपक्ष के रूप में यह उनकी पहली विदेश यात्रा है, चूंकि वे नेता प्रतिपक्ष हैं इसलिए निश्चित तौर पर विदेश में उनकी बातों का वजन भी होगा. राहुल गांधी ने अपने भाषण में ना सिर्फ पीएम मोदी का जादू खत्म होने की बात कही बल्कि उन्होंने विदेश में उन मुद्दों पर भी चर्चा की जिनका भारतीय राजनीति पर खासा असर है. राहुल गांधी ने आरक्षण, जातिगत जनगणना, चुनावों में धांधली जैसे मुद्दों पर बात की और मोदी सरकार को घेरा. उन्होंने यह भी कहा कि मुझे पीएम मोदी से नफरत नहीं है मैं बस उनके नजरिए को पसंद नहीं करता.
राहुल गांधी पहले भी मोदी सरकार पर कर चुके हैं हमले
- मार्च 2023 में जब राहुल गांधी अमेरिका दौरे पर थे, तो उन्होंने कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में स्पीच देते हुए यह कहा था कि भारत में लोकतंत्र खतरे में है और लगातार उसकी आत्मा पर हमले हो रहे हैं.
- मई 2022 में राहुल गांधी ब्रिटेन के दौरे पर थे. लंदन में आयोजित ‘आइडियाज फॉर इंडिया’ सम्मेलन में उन्होंने मोदी सरकार पर हमला बोला. राहुल गांधी ने यह कहा था कि देश की आत्मा पर हमले हो रहे हैं और बिना आत्मा के एक देश कुछ भी नहीं होता है. उन्होंने यह आरोप भी लगाया था कि सरकार ईडी और सीबीआई का दुरुपयोग कर रही है, जिसकी वजह से देश पाकिस्तान की राह पर चल पड़ा है.
- अगस्त 2018 में राहुल ने जर्मनी और ब्रिटेन की धरती से प्रधानमंत्री मोदी पर हमला बोला था और यह कहा कि उनके अंदर देशभक्ति की भावना नहीं है. उन्होंने रोजगार के मुद्दे पर पीएम मोदी को आड़े हाथों लिया था और कहा था कि उन्हें युवाओं की चिंता नहीं है. उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी की तुलना डोनाल्ड ट्रंप से कर दी थी.
- राहुल गांधी ने 2017 में वाशिंगटन के प्रिसंटन यूनिवर्सिटी में यह कहा कि नरेंद्र मोदी देश को बांटना चाहते हैं. वे देश की संघात्मक व्यवस्था पर भरोसा नहीं करते, वे शक्तियों को कुछ लोगों तक ही केंद्रित रखना चाहते हैं. राहुल गांधी ने यह भी कहा था कि नोटबंदी का फैसला बहुत ही गलत कदम था और इसने देश की अर्थव्यवस्था को बहुत नुकसान पहुंचाया.
- 2018 में राहुल गांधी ने मलेशिया में कहा कि अगर मैं पीएम मोदी को नोटबंदी की फाइल को कचरे के डिब्बे में फेंक देता. उन्होंने नोटबंदी के फैसले को वाहियात और कचरे के डिब्बे में जाने वाला बताया था.
Author: Red Max Media
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