पांच महीनों से ‘वेतन’ का इंतजार

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दिल्ली सरकार के स्टेडियमों में तैनात आउटसोर्स वाले सहायक कोचों को पांच महीने से वेतन नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि बीते पांच महीनों से वेतन नहीं मिलने से घर की दाल रोटी बच्चों के स्कूल की फीस जमा करने मकान का किराया देने कर्जा चुकाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं सरकारी अफसर हर बार जल्द ही वेतन देने का कोरा आश्वासन देते हैं।

हम लोग मैदान पर खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देकर उनकी प्रतिभा को निखारकर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करते हैं, लेकिन बीते पांच महीनों से वेतन नहीं मिलने के कारण अपने व अपने परिवार का जीवन यापन करने के लिए जद्दोजहद में लगे हुए हैं। यह कहना है दिल्ली सरकार के स्टेडियमों में तैनात आउटसोर्स वाले सहायक कोचों का।

हर बार मिलता है कोरा आश्वासन

उन्होंने बताया कि बीते पांच महीनों से वेतन नहीं मिलने से घर की दाल रोटी, बच्चों के स्कूल की फीस जमा करने, मकान का किराया देने, कर्जा चुकाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में कई बार दिल्ली सरकार की खेल शाखा के अधिकारियों से वेतन नहीं मिलने का कारण जानना चाहा, तो वे वेतन की फाइल में आला अधिकारियों द्वारा आपत्ति जताने की बात कहकर लौटा देते हैं। वहीं हर बार जल्द ही वेतन देने का कोरा आश्वासन देते हैं।

इन स्टेडियमों में तैनात हैं कोच

जानकारी के मुताबिक, दिल्ली सरकार के त्यागराज, छत्रसाल, राजीव गांधी स्टेडियम, नजफगढ़ खेल परिसर, ईस्ट विनोद नगर खेल परिसर व अन्य खेल केंद्रों में करीब 100 से अधिक आउटसोर्स के सहायक कोच तैनात हैं।

सूत्रों से पता चला कि इन सभी कोचों की भर्ती इंटेलिजेंट कम्यूनिकेशन सिस्टम्स इंडिया लिमिटेड (आइसीएसआइएल) कंपनी के जरिये हुई है। एक कोच ने बताया कि बिना वेतन के काम करने का मन नहीं करता है। चूंकि बिना वेतन के घर की जिम्मेदारियों व परेशानियों को निपटाना आसान नहीं होता है।

काफी कटकर मिलता है वेतन

एक अन्य कोच ने बताया कि सभी सहायक कोचों का वेतन 46,374 रुपये है। लेकिन टीडीएस काटकर उन्हें करीब 41 हजार रुपये मिलते हैं। इस वर्ष केवल मार्च तक का वेतन मिला है। उसके बात पांच महीने बीत चुके हैं, वेतन का कोई पता नहीं है। कंपनी के अधिकारियों से पूछते हैं तो वे खेल शाखा की गलती बता देते हैं। खेल शाखा के अधिकारी स्पष्ट रूप से नहीं बताते हैं कि वेतन कब तक मिल सकेगा।

Red Max Media
Author: Red Max Media

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