
ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय ने 500 साल पुरानी परंपरा तोड़ते हुए वेटिकन में पोप लियो XIV के साथ सिस्टाइन चैपल में प्रार्थना की। पिछले 500 सालों में यह पहली बार है जब किसी ब्रिटिश सम्राट ने कैथोलिक चर्च की धार्मिक सेवा में हिस्सा लिया।
ब्रिटेन के राजा किंग चार्ल्स तृतीय ने गुरुवार को वेटिकन सिटी में पोप लियो XIV के साथ सिस्टाइन चैपल में प्रार्थना की। इससे उन्होंने 500 साल पुरानी परंपरा तोड़ते हुए एक नया इतिहास रच दिया। वह पहले ब्रिटिश राजा हैं, जिन्होंने 16वीं सदी में किंग हेनरी अष्टम द्वारा पोप की सत्ता से अलग होने के बाद कैथोलिक चर्च की धार्मिक सेवा में हिस्सा लिया।
2 दिन की राजकीय यात्रा पर पहुंचे राजा-रानी
76 वर्षीय किंग चार्ल्स अपनी पत्नी रानी कैमिला के साथ वेटिकन की केंद्रीय शासन इकाई ‘होली सी’ के 2 दिन के राजकीय दौरे पर हैं। यह विशेष प्रार्थना कैथोलिक चर्च के जूबिली वर्ष को समर्पित थी और एंग्लिकन चर्च (जिसके सर्वोच्च संरक्षक राजा हैं) व वेटिकन के बीच संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित की गई। बकिंघम पैलेस के बयान में कहा गया, ‘महामहिम 2025 पापल जूबिली और चर्च ऑफ इंग्लैंड व रोमन कैथोलिक चर्च के बीच गर्मजोशी भरे धार्मिक एकता के रिश्ते का जश्न मनाने होली सी आए हैं।’

‘केयर फॉर क्रिएशन’ थीम पर हुई प्रार्थना
विभिन्न ईसाई संप्रदायों की एकता की प्रतीक यह प्रार्थना सिस्टाइन चैपल में ‘केयर फॉर क्रिएशन’ थीम पर हुई। इसके बाद पर्यावरण संरक्षण पर निजी बैठक हुई।पैलेस ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘राजा और रानी ने पोप लियो के साथ सिस्टाइन चैपल में विशेष प्रार्थना में हिस्सा लिया। यह कैथोलिक चर्च व चर्च ऑफ इंग्लैंड के बीच हाथ मिलाने और धार्मिक एकता के उत्सव का क्षण है।’ परंपरा से हटकर पैलेस ने राजा को प्रार्थना करते हुए फिल्माने की अनुमति दी। वे राजा चार्ल्स के कोट ऑफ आर्म्स और लैटिन नारे ‘उट उनुम सिंट’ से सजी विशेष कुर्सी पर बैठे थे। यह कुर्सी इस अवसर के लिए बनाई गई है और अब चर्च में रहेगी।
राजा को बनाया गया नया ‘रॉयल कॉन्फ्रेटर’
किंग चार्ल्स को नया ‘रॉयल कॉन्फ्रेटर’ बनाया गया है। भविष्य में उनके उत्तराधिकारी भी इसका इस्तेमाल करेंगे। पोप लियो ने राजा को पापल नाइटहुड से सम्मानित किया। बदले में पोप को विंडसर कैसल के सेंट जॉर्ज चैपल का ‘पापल कॉन्फ्रेटर’ बनाया गया और नाइट ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ द बाथ का खिताब दिया गया। पोप की लाइब्रेरी में दोनों नेताओं ने आधिकारिक तोहफे दिए। दोनों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रतीक के रूप में पेड़ भी भेंट किए, जो लगाए जाएंगे। राजा चार्ल्स और रानी कैमिला इस साल की शुरुआत में भी वेटिकन आए थे। तब इटली के राजकीय दौरे के दौरान उन्होंने पोप फ्रांसिस से निजी मुलाकात की थी। मुलाकात के कुछ दिन बाद ही पोप फ्रांसिस का निधन हो गया था।








