ताइवान और चीन में फिर तनातनी

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अमेरिका और चीन का झंडा (सांकेतिक तस्वीर)

अमेरिका ने हाल ही में चीन की चार कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिया था। अब चीन ने भी अमेरिका को उसी की भाषा में जवाब दिया है। चीन ने भी अमेरिका की हथियार बेचने वाली कंपनियों पर बैन लगा दिया है।

अब तक आपने इस तरह की खबरें देखी और पढ़ी होगी कि अमेरिका और उसके सहयोगी किसी देश पर प्रतिबंध लगाते हैं। लेकिन, अब जो खबर सामने आई है वह हैरान करने वाली है। चीन ने बुधवार को बड़ा कदम उठाते हुए स्वशासित द्वीप ताइवान को हथियार बेच रही अमेरिकी कंपनियों पर प्रतिबंधों की घोषणा कर दी है। चीन का यह कदम अमेरिकी हथियार कंपनियों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। फिलहाल अमेरका की ओर से अभी तक इस बारे में कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

किन कंपनियों पर लगा प्रतिबंध?

दरअसल, चीन, ताइवान को अपना हिस्सा बताता है और जरूरत पड़ने पर बल प्रयोग से इस पर कब्जा जमाने की धमकी देता है। चीन की सरकारी मीडिया ने विदेश मंत्रालय के हवाले से प्रतिबंधों की घोषणा के बारे में जानकारी दी है, लेकिन यह नहीं बताया कि किन कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया गया है।

ताइवान को है हथियारों का इंतजार

ताइवान, अमेरिका से एफ-16 लड़ाकू विमानों, अब्राम्स टैंक और कई मिसाइलों की आपूर्ति का इंतजार कर रहा है। चीन की ओर से लगातार ताइवान पर हमला करने की धमकियां दी जा रही हैं। हालांकि, ताइवान की 23 लाख नागरिकों की आबादी अपनी वास्तविक स्वतंत्रता की वर्तमान स्थिति के पक्ष में है।

अमेरिका करता रहा है हथियारों की सप्लाई

औपचारिक कूटनीतिक रिश्ते ना होने के बावजूद अमेरिका लंबे समय से ताइवान को हथियारों की सप्लाई करता रहा है। अमेरिका ताइवान की सुरक्षा करने के लिए कानूनी रूप से बाध्य है। अमेरिका से हथियार खरीदने के साथ ही ताइवान अपने घरेलू हथियार उद्योग को भी बढ़ावा दे रहा है। चीन ने पहले भी अमेरिकी कंपनियों से ताइवान के सशस्त्र बलों के साथ सहयोग बंद करने की मांग की थी।

अमेरिका ने लगाया था बैन

यहां यह भी बता दें कि, अमेरिका ने हाल ही में पाकिस्तान के मिसाइल कार्यक्रम को सामग्री की आपूर्ति करने पर चीन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की थी। अमेरिका ने मिसाइल प्रतिबंध कानूनों के तहत पाकिस्तान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को सामानों की आपूर्ति करने पर चार चीनी कंपनियों और एक व्यक्ति समेत पाकिस्तान की एक कंपनी पर बैन लगा दिया था।

Red Max Media
Author: Red Max Media

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