“सरकार विषकन्या होती है, जिसके साथ जाती है उसको डूबा देती है”, नितिन गडकरी

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

नितिन गडकरी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक कार्यक्रम के दौरान सरकार को विषकन्या बताया। सब्सिडी पर उन्होंने कहा कि यह कब मिलेगी, कुछ मिलेगी, इसका कोई भरोसा नहीं रहता।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सभी सरकार के भरोसे नहीं होता। मेरा मत है कि किसी भी पार्टी की सरकार हो, उन्हें दूर रखो। उन्होंने कहा कि सरकार विषकन्या होती है, जिसके साथ जाती है उसको डूबा देती है। आप इनके लफड़े में मत पड़ो। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सब्सिडी जो लेना है ले लो, पर यह कब मिलेगी, कुछ मिलेगी, इसका कोई भरोसा नहीं रहता। उन्होंने यह बात नागपुर में विदर्भ इकोनॉमिक डेवलपमेंट काउंसिल की तरफ से आयोजित अमेजिंग विदर्भ परिषद के कार्यक्रम में कही।

सब्सिडी पर क्या बोले गडकरी?

उन्होंने कहा, “मेरे बेटे ने आकर कहा कि साढे चार सौ करोड़ सब्सिडी में मिली है और टैक्स के पैसे जमा है। उसने पूछा कि सब्सिडी कब मिलेगी?  मैंने कहा कि भगवान से प्रार्थना कर, क्योंकि कोई भरोसा नहीं है। मिलेगी क्या, मिल सकती है। वह जब आएगी तब अभी लाडली बहन योजना शुरू हो गई है, तो सब्सिडी का पैसा उनको भी उनके काम को देना पड़ रहा है, नेचुरल है अटक गई।”

“हम अपने भरोसे प्लान करें”

नितिन गडकरी ने कहा, “बीच में टेक्सटाइल वालों की इंडस्ट्री बंद पड़ी थी। उनको पावर की सब्सिडी नहीं मिली। टेक्सटाइल वाले बंद होने के कगार पर थे। प्रॉब्लम यह है कि हम अपने भरोसे प्लान करें। सबसे बड़ी समस्या आई है कि विदर्भ में 500/1000 करोड़ की इन्वेस्टमेंट करने वाले इन्वेस्टर की कमी है। इसके कारण हमारे यहां बड़े-बड़े प्रोजेक्ट नहीं आ रहे हैं। हम लगातार कोशिश कर रहे हैं कि कोई मिले, लेकिन हमारे हाथ कोई लग नहीं रहा है।”

उन्होंने बताया, “कुछ दिन पहले सज्जन जिंदल मेरे यहां आए थे। एमजी हेक्टर कंपनी को उन्होंने टेकओवर किया है। उन्होंने इलेक्ट्रिक गाड़ी तैयार किया है। मैंने उनसे कहा मैं तो गाड़ी तो देखता हूं, लेकिन पहले आप नागपुर में कुछ शुरू कीजिए। इलेक्ट्रिक बस, इलेक्ट्रिक ट्रक लेकिन हमें इतना बड़ा कोई यूनिट मिला नहीं है। बुटीबोरी में काफी यूनिट शुरू है, काफी यूनिट बंद है, जो जमीन लेता है वह बेचता भी नहीं है और नया यूनिट आता भी नहीं है।”

Red Max Media
Author: Red Max Media

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें