उत्तर कोरिया पर अमेरिका ने आरोप लगाया

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लॉयड ऑस्टिन, अमेरिकी रक्षा मंत्री।

दक्षिण कोरिया के बाद अमेरिका ने भी उत्तर कोरिया द्वारा अपने सैनिकों को रूस भेजे जाने का दावा किया है। अमेरिकी रक्षामंत्री लॉयड ऑस्टिन ने कहा कि उत्तर कोरियाई सैनिकों के रूस पहुंचने के उनके पास सारे सबूत हैं।

अमेरिका के रक्षामंत्री लॉयड ऑस्टिन ने दावा किया है कि उनके पास रूस में उत्तर कोरिया द्वारा सैनिक भेजे जाने का पूरा प्रमाण है। ऑस्टिन ने कहा कि हमारे इस बात के पूरे सबूत हैं कि उत्तर कोरिया ने अपने सैनिक रूस भेजे हैं। वहीं दूसरी ओर दक्षिण कोरिया के खुफिया प्रमुख ने सांसदों को बताया कि उत्तर कोरिया के तीन हजार सैनिक रूस में हैं, जिन्हें यूक्रेन के युद्धक्षेत्रों में तैनात किए जाने से पहले ड्रोन और अन्य उपकरणों के संचालन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ‘

वहीं इसके अलावा वाशिंगटन पोस्ट’ समाचार पत्र द्वारा पोस्ट किए गए एक वीडियो के अनुसार ऑस्टिन ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा, ‘‘वे वास्तव में क्या कर रहे हैं? यह देखना बाकी है। ये ऐसी चीजें हैं जिन्हें हमें सुलझाने की जरूरत है।’’ उन्होंने कहा कि यदि रूस की ओर से उत्तर कोरियाई सेना यूक्रेन युद्ध में शामिल होती है तो यह ‘‘एक बहुत ही गंभीर मुद्दा’’ होगा और इसका यूरोप और हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर प्रभाव पड़ेगा। दक्षिण कोरियाई खुफिया एजेंसी ने सबसे पहले यह रिपोर्ट सार्वजनिक की थी कि रूसी नौसेना पिछले सप्ताह उत्तर कोरिया के 1,500 विशेष सैनिकों को रूस ले गई है। जबकि यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमिर जेलेंस्की ने कहा था कि उनकी सरकार के पास खुफिया जानकारी है कि 10,000 उत्तर कोरियाई सैनिकों को रूसी सेना में शामिल करने के लिए तैयार किया जा रहा है।

उत्तर कोरिया ने दावों को बताया झूठा

रूस में अपने सैनिक भेजे जाने के दावे को उत्तर कोरिया ने झूठी अफवाह करार दिया है। अमेरिका और उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) ने पहले उत्तर कोरिया द्वारा सेना भेजे जाने की औपचारिक पुष्टि नहीं की थी, लेकिन उन्होंने इस तरह के घटनाक्रम को लेकर खतरे की चेतावनी दी है। रूस और उत्तर कोरिया ने अब तक सैन्य गतिविधियों से इनकार किया है। दक्षिण कोरिया के खुफिया प्रमुख चो ताए-योंग ने सांसदों को बताया कि लगभग तीन हजार उत्तर कोरियाई सैनिकों को रूस भेजा गया है, जो यूक्रेन के खिलाफ युद्धक्षेत्रों में तैनात होने से पहले ड्रोन और अन्य उपकरणों के संचालन का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

संसदीय समिति की बैठक में राष्ट्रीय खुफिया सेवा (एनआईएस) के निदेशक चो ताए-योंग ने कहा कि 1,500 और उत्तर कोरियाई सैनिकों को रूस भेजा गया है जो वहां पहले से मौजूद अपने देश के 1,500 सैनिकों के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। बैठक में शामिल हुए सांसद पार्क सनवॉन ने यह जानकारी दी।

यूक्रेन के खिलाफ युद्ध लड़ने के इरादे से भेजे सैनिक

पार्क ने चो के हवाले से कहा कि एनआईएस ने हाल में अनुमान जताया था कि 1500 सैनिक अक्टूबर की शुरुआत में ही रूस पहुंच गए थे। इन सैनिकों को यूक्रेन के खिलाफ रूस की तरफ से लड़ने के लिए भेजे जाने की बात कही जा रही है।  पार्क के अनुसार चो ने सांसदों को यह भी बताया कि उनकी एजेंसी का आकलन है कि उत्तर कोरिया का लक्ष्य दिसंबर तक अपने 10 हजार सैनिकों को रूस में तैनात करना है। पार्क ने चो का हवाला देते हुए कहा कि रूस भेजे गए 3,000 उत्तर कोरियाई सैनिकों को विभाजित करके कई सैन्य ठिकानों पर भेजा गया है जहां वे प्रशिक्षण ले रहे हैं।

पार्क के अनुसार चो ने सांसदों से कहा कि एनआईएस का मानना ​​है कि उन्हें अभी तक युद्ध में तैनात नहीं किया गया है। पार्क के साथ मौजूद सांसद ली सियोंग क्वेउन ने कहा कि एनआईएस ने पाया कि रूसी सेना अब उत्तर कोरियाई सैनिकों को ड्रोन जैसे सैन्य उपकरणों का इस्तेमाल करना सिखा रही है।

Red Max Media
Author: Red Max Media

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