
शिवसेना यूबीटी के सांसद अरविंद सावंत के इम्पोर्टेड माल वाले बयान पर महाराष्ट्र कि सियासत गरमा गई है। कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी किए जाने के बाद भड़की शाइना एनसी ने महिला सम्मान के मुद्दे पर पार्टी का आधिकारिक रुख स्पष्ट करने को कहा है। शाइना ने टिप्पणी पर विपक्षी नेताओं की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं।
उन्होंने पूछा, ‘क्या वह उसी तरह प्रतिक्रिया देते, अगर यह टिप्पणी उनके धर्म या समुदाय की किसी महिला के लिए होती।’ उन्होंने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) को महिलाओं के सम्मान पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। इससे पहले सावंत ने शनिवार को शाइना पर कथित अपमानजनक टिप्पणी के लिए माफी मांगी। एक दिन पहले इस संबंध में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
उन्होंने कहा, ‘अगर माफी मांगनी ही है, तो वह देवी मुंबादेवी से मांगी जानी चाहिए। मैं उनकी बेटी हूं। मैं लड़ूंगी और जीतूंगी।’ शाइना ने एनसीपी (एसपी) की सुप्रिया सुले और शिवसेना (यूबीटी) की प्रियंका चतुर्वेदी सहित महा विकास अघाड़ी (एमवीए) नेताओं की चुप्पी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा, ‘महिलाओं का मुद्दा पार्टी की राजनीति से बड़ा है। मैं हमेशा पार्टी राजनीति से परे महिलाओं के साथ खड़ी रही हूं।’
उन्होंने कहा, ‘अगर संजय राउत दावा करते हैं कि सावंत ने कुछ भी गलत नहीं कहा तो महिलाओं के सम्मान पर सेना (यूबीटी) और एमवीए का आधिकारिक रुख क्या है। माल वस्तुकरण है। इसका मतलब है कि आप किसी की संपत्ति हैं।’
उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, जो शिवसेना के प्रमुख हैं, ने लड़की बहन योजना के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाया है। मुंबादेवी में, 40,000 लाभार्थी हैं, जिनमें से 15,000 मुस्लिम हैं।’ शिवसेना उम्मीदवार ने कहा कि चुनाव में मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने पूछा कि कमाठीपुरा पुनर्विकास, चॉल पुनर्विकास और (मुंबादेवी में) क्लस्टर पुनर्विकास का क्या हुआ?








