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कनाडा की पुलिस ने कहा था कि ब्रैम्पटन के एक मंदिर में विरोध प्रदर्शन हुआ और सोशल मीडिया पर प्रसारित घटना के कुछ अपुष्ट वीडियो में प्रदर्शनकारी खालिस्तान के समर्थन में बैनर पकड़े नजर आए।
पंजाब के मुख्यमंत्री और AAP नेता भगवंत मान ने मंगलवार को कनाडा के ब्रैम्पटन में एक हिंदू मंदिर पर हमले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। मान ने मंदिर पर हुए हमले की निंदा करते हुए केंद्र से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए इस मुद्दे को कनाडा सरकार के सामने उठाने का आग्रह किया। बता दें कि रविवार को ब्रैम्पटन में एक हिंदू मंदिर में खालिस्तानी झंडे लेकर आए प्रदर्शनकारियों की लोगों से झड़प हो गई थी। पील क्षेत्रीय पुलिस ने रविवार को बताया था कि ब्रैम्पटन के एक मंदिर में विरोध प्रदर्शन हुआ और घटना के कुछ वायरल वीडियो में प्रदर्शनकारी खालिस्तान के समर्थन में बैनर पकड़े नजर आए थे।
‘भारत सरकार इस मुद्दे पर कनाडा से बात करे’
मंदिर पर हमले के बारे के मुद्दे पर बोलते हुए मान ने बठिंडा में कहा, ‘मैं इस घटना की कड़ी निंदा करता हूं। मैं भारत सरकार से भी मांग करता हूं कि वह इस मुद्दे पर कनाडा सरकार से बात करे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।’ उन्होंने कहा कि पंजाब के कई लोग कनाडा को अपना दूसरा घर मानते हैं और कोई नहीं चाहता कि वहां इस तरह की हिंसक घटना हो। भारत ने कहा है कि वह कनाडा में अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर ‘काफी चिंतित’ है। ओटावा स्थित भारतीय हाई कमीशन ने भी सोमवार को एक कड़ा बयान जारी कर हिंदू सभा मंदिर पर ‘भारत विरोधी’ तत्वों द्वारा हाल में किए गए हमले की निंदा की।
बद से बदतर होते जा रहे भारत-कनाडा संबंध
बता दें कि कनाडा के प्रधानमंत्री ट्रूडो द्वारा पिछले साल सितंबर में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की ‘संभावित’ संलिप्तता के आरोप लगाए जाने के बाद से भारत और कनाडा के संबंधों में तनाव पैदा हुआ था। भारत ने ट्रूडो के आरोपों को सिरे से खारिज किया है और कहा है कि दोनों देशों के बीच मुख्य मुद्दा यह है कि कनाडा खालिस्तान समर्थक तत्वों को बिना किसी रोक-टोक के अपनी धरती से गतिविधियों को अंजाम देने की इजाजत दे रहा है। भारत ने कनाडा को कई आतंकियों की सूची भी सौंपी थी पर उसकी तरफ से कोई संतोषजनक कदम नहीं उठाया गया। बता दें कि पिछले कुछ महीनों से कनाडा में खालिस्तानियों ने जमकर आतंक मचाया है और कई मौकों पर भारत के हितों को नुकसान पहुंचाया है।








