
ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि वो खुफिया एजेंसी CIA के चीफ के पद पर काश पटेल को बैठा सकते हैं, जो भारतीय मूल के हैं. ऐसे में पाकिस्तान की परेशानियां बढ़ना लाजमी हैं. कहा जा रहा है कि उनकी नियुक्ति के ऐलान से पहले ही इस्लामाबाद में इसकी चर्चा होने लगी है.
अमेरिका के अगले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी टीम का ब्लूप्रिंट बना लिया है. इस टीम में ट्रंप ने अपना एक हिंदू चीफ चुना है. अमेरिकी मीडिया के मुताबिक इस हिंदू ने पहले भी अलकायदा और ISIS के आतंकियों को ठिकाना लगाने में बड़ी भूमिका निभाई और जो आतंकियों का दुश्मन हो उसे देखकर पाकिस्तान की घबराहट बढ़ना तो बनता है. पाकिस्तान में हल्ला है कि भारतीय मूल के काश पटेल अगले सीआईए चीफ बनने वाले हैं. CIA अमेरिका की बड़ी खुफिया एजेंसी है और किसी हिंदू के सीआईए चीफ बनने की खबर से ही इस्लामाबाद में खलबली मच गई है.
पाकिस्तान में जिस काश पटेल का खौफ चल रहा है, वो भारतीय मूल के हैं और डोनाल्ड ट्रंप के करीबी माने जाते हैं. ट्रंप सरकार में पहले भी वो बड़े पदों पर रह चुके हैं. काश पटेल इससे पहले ट्रंप सरकार में ISIS के चीफ बगदादी के खिलाफ चलाये गये ऑपरेशनों के इंचार्ज रह चुके हैं. वो कई बार आतंकियों के कब्जे में मौजूद अमेरिकी लोगों को छुड़ाने के ऑपरेशन में बड़ी भूमिका निभा चुके हैं. कुछ अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में ये भी दावा किया गया है कि ट्रंप ने चुनाव जीतने से पहले ही ये फैसला कर लिया था और काश पटेल को सीआईए चीफ की रेस में सबसे आगे माना जा रहा है.
अमेरिका में राष्ट्रपति अक्सर सीआईए चीफ जैसे हाईप्रोफाइल पदों पर अपने करीबियों को रखते हैं और ट्रंप के नजदीकी होने की वजह से काश पटेल के नाम पर मुहर लगने की बातें हो रही हैं. काश पटेल को लेकर एक्सपर्ट्स का कहना है कि उनका भारत के साथ मजबूत कनेक्शन है. सुनने में आया है कि वो ट्रंप के वफादारों की लिस्ट में सरेफहरिस्त हैं. इससे पहले अलग-अलग पोजिशन में वो रहे हैं और वो सीआईए चीफ बन सकते हैं. अगर ये सीआईए चीफ बनते हैं तो काश पटेल पहले ऐसे चीफ होंगे जो पहले रिपब्लिकन हाउस स्टाफर भी थे.
टैक्नोक्रेट है भारत का डायस्पोरा’
पाकिस्तानी एक्सपर्ट साजित तारड़ का कहना है कि भारत का डायस्पोरा है वो टैक्नोक्रेट है. अमेरिका के पास वो कौन सी च्वाइस है कि वो भारतीय मूल के लोगों से डील ना करे या भारत के साथ अपने रिलेशन खत्म कर लें, खराब कर लें. वो आगे कहते हैं कि खत्म तो कर नहीं सकते. जोकि पिछले दिनों जिस तरह ट्रूडो ने किया. क्या अमेरिका ऐसा कर सकता है, मेरे ख्याल में तो नहीं.
पाकिस्तानी एक्सपर्ट कमर चीमा क्या कहते हैं:
पाकिस्तानी एक्सपर्ट कमर चीमा का कहना है कि काश पटेल डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस के प्रॉसिक्यूटर रहे हैं और ऐसे लोगों को उन्होंने प्रॉसिक्यूट किया है जिनका ताल्लुक अलकायदा और ISIS से रहा है. कहा जाता है कि ट्रंप साहब की फर्स्ट टर्म थी. उसमें प्रिंसिपल डिप्टी और डायरेक्टर ऑफ इंटेलीजेंस से जितनी भी इंटेलीजेंस एजेंसी थी उनको वो देखते थे.
पाकिस्तान को खौफ क्यों?
दुनिया में आतंकियों का सबसे बड़ा हेडक्वार्टर पाकिस्तान और अफगानिस्तान हैं. इसलिए सीआईए के चीफ अक्सर पाकिस्तान आते रहते हैं. कई मामलों में पाकिस्तान के साथ अमेरिकी सरकार खुद शामिल होने के बदले सीआईए चीफ से काम निकलवाती है. अमेरिका की इस खुफिया एजेंसी को दुनिया में सबसे ताकतवर एजेंसियों में एक माना जाता है और इस एजेंसी का चीफ कोई भारतीय बन सकता है ये सोच-सोचकर ही पाकिस्तान को डर लग रहा है.








