निर्दलीय राजेंद्र सिंह गुढ़ा​ ने झोंकी ताकत

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राजेंद्र सिंह गुढ़ा​

डिप्टी CM दीया कुमारी को लेकर राजेंद्र सिंह गुढ़ा का बड़ा बयान, कांग्रेस को भी लताड़ा; राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने दीया कुमारी को लेकर कहा कि झुंझुनू के राजपूत समाज की ठेकेदार बनने के लिए आई हैं। उनकी शादी के समय झुंझुनू के समाज के लोग धरने पर बैठे थे।

झुंझुनू विधानसभा उपचुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरे पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही प्रमुख पार्टियों पर जमकर निशाना साधा है। अपने बयान में गुढ़ा ने बीजेपी और कांग्रेस के नेताओं को निशाने पर लिया और कहा कि उनकी जीत झुंझुनूं के विकास और समाज की बेहतरी के लिए है, न कि किसी पार्टी के फायदे के लिए।

गुढ़ा ने बीजेपी की डिप्टी सीएम दीया कुमारी पर भी कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “दीया कुमारी आज समाज की ठेकेदार बनकर झुंझुनू आई हैं। उनका विवाह सिटी पैलेस में कैसे नहीं हुआ? कहां हुई उनकी शादी, कहां मंडप लगा? झुंझुनू के राजपूत समाज की ठेकेदार बनने के लिए आई हैं।” गुढ़ा ने यह भी कहा कि दीया कुमारी की शादी के समय झुंझुनू के समाज के लोग धरने पर बैठे थे और वह आज उसी समाज का नेतृत्व करने आई हैं।

कांग्रेस पर भी किया तीखा प्रहार

गुढ़ा ने कांग्रेस पार्टी को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, “कांग्रेसियों, इनको ज्यादा परेशान मत करो, नहीं तो हालात खराब कर देंगे। डॉक्टर असलम को घर बैठा दिया, ओला परिवार को हमेशा के लिए घर बैठा दो।” उन्होंने यह भी कहा कि देश में 60 साल कांग्रेस का राज था। लाल किला, ताजमहल और कुतुब मीनार बनाने वाला मुसलमान था। आज देश में जो हालत मुसलमानों के हैं वह किसने बनाए। मुसलमान विदेशों में जाकर अपने परिवार पाल रहे हैं। इन नेताओं ने मुसलमानों के सभी रास्ते बंद कर दिए हैं। पहले 51 प्रतिशत मुसलमान सरकारी नौकरी में थे, आज यह आंकड़ा 1 प्रतिशत से भी नीचे चला गया है। प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू तीन बार, इंदिरा गांधी 17 साल, 10 साल मनमोहन सिंह, 5 साल राजीव गांधी और नरसिंहमा राव प्रधानमंत्री रहे। 60 साल कांग्रेस का राज फिर भी मुस्लमानों की हालात खराब क्यों है, पहली बार आप राजेंद्र गुढ़ा के साथ खड़े हो, आपको लगेगा कि विधानसभा में आपका भाई खड़ा है।

CM और मंत्री-विधायक पर हमला

पूर्व मंत्री ने बीजेपी पर भी हमला बोलते हुए कहा, “झुंझुनू में बीजेपी के 10-10 मंत्री डेरा डाले हुए हैं। 20 से 30 विधायक यहां पड़े हैं। मेरा क्या बिगाड़ लेंगे?” उन्होंने कहा कि बीजेपी और कांग्रेस की पूरी ताकत झुंझुनू में लगी हुई है, लेकिन उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकती। गुढ़ा ने यह भी कहा कि जब उन्होंने पहले के मुख्यमंत्रियों, जैसे अशोक गहलोत, वसुंधरा राजे और भजनलाल को नहीं बख्शा, तो भजनलाल उनका क्या बिगाड़ सकते हैं?

उपचुनाव में मुकाबला?

झुंझुनू विधानसभा उपचुनाव में राजेंद्र सिंह गुढ़ा का मैदान में होना चुनाव को त्रिकोणीय बना रहा है। बीजेपी ने राजेंद्र भांबू को दोबारा उम्मीदवार बनाया है। इससे पहले 2018 में प्रत्याशी बनाया था। उसके बाद भांबू ने बागी होकर चुनाव लड़ा था। उपचुनाव में राजेंद्र भांबू को प्रत्याशी बनाने पर बबलू चौधरी ने विरोध करते हुए बगावत शुरू कर दी थी। हालांकि, बाद में बीजेपी आलाकमान ने बबलू को मनाकर डैमेज कंट्रोल कर लिया था। वहीं, कांग्रेस ने सांसद बृजेंद्र ओला के पुत्र अमित ओला को मैदान में उतारा है।

राजेंद्र सिंह गुढ़ा​ ने झोंकी ताकत

राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने उपचुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है और दोनों प्रमुख दलों को नुकसान पहुंचाने का दावा किया है। वह अपने पुराने समर्थकों और सामाजिक ताने-बाने को एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि झुंझुनू में जीत दर्ज कर सकें।

 

Red Max Media
Author: Red Max Media

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