फिल्म सेट के लिए काटे सैकड़ों पेड़

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फिल्म सेट के लिए काटे सैकड़ों पेड़

फिल्म की शूटिंग के लिए सैकड़ों पेट काटे जाने का मामला अब कर्नाटक में चर्चा का विषय बन गया है। कर्नाटक सरकार के वनमंत्री ने खुद जाकर सेट पर देखा कि फिल्म के लिए बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई की गई है। इस पर उन्होंने एक्शन लिया है।

KGF फेम पैन इंडिया स्‍टार यश की अगली फिल्‍म ‘टॉक्‍स‍िक’ का हर किसी को इंतजार है। लेकिन यह फिल्‍म रिलीज से पहले विवादों में घिर गई है। इस मामले में अब FIR दर्ज हो गई है। मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश के अनुसार, कर्नाटक वन विभाग ने वन भूमि पर फिल्म की शूटिंग के लिए अवैध रूप से पेड़ों की कटाई के आरोपों में केस दर्ज किया है।

इन लोगों पर दर्ज हुई FIR

टॉक्सिक फिल्म के निर्माता केवीएन मास्टरमाइंड क्रिएशंस, केनरा बैंक के महाप्रबंधक, एचएमटी के महाप्रबंधक के खिलाफ केएफए 1963 की धारा 24 (8) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला पिछले महीने तब सामने आया था, जब कर्नाटक के वन मंत्री ईश्वर खंडरे ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया और इस तरह की गतिविधियों पर चिंता जताई थी।

कर्नाटक वन विभाग और HMT आमने-सामने

साउथ के सुपरस्टार यश के इस फिल्म की शूटिंग अभी चल रही है। इसकी वजह से कर्नाटक वन विभाग और हिंदुस्तान मशीन टूल्स (HMT) आमने-सामने आ गए हैं। आरोप है कि फिल्‍म के सेट को तैयार करने के लिए कथित तौर पर सैकड़ों पेड़ों को काट दिया गया है।

वन मंत्री ने इस मामले में लिखा पत्र

कर्नाटक सरकार में वन एवं पारिस्थितिकी और पर्यावरण मंत्री ईश्वर खंडरे ने अतिरिक्त मुख्य सचिव को इस मामले में एक चिट्ठी लिखी है। इसमें 599 एकड़ फॉरेस्‍ट लैंड (वन भूमि) पर चिंता जताई गई है। यह जमीन अब HMT के कब्जे में है। असल में एक राजपत्र अधिसूचना में इन रिजर्व फॉरेस्‍ट लैंड को बिना किसी औपचारिक अधिसूचना के HMT को दे दिया गया था।

जमीन के मालिकाना हक को लेकर खींचतान

इस जमीन के मालिकाना हक को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच खींचतान जारी है। पर्यावरण मंत्री ईश्वर खंडरे ने अपनी चिट्ठी में कहा था कि एचएमटी बिजनेस के लिहाज से इस जमीन को किराए पर दे रही है, जिसमें ‘टॉक्सिक’ नाम की फ‍िल्‍म भी शामिल है।

बिना मंजूरी के काटा गया पेड़ों को

इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि फिल्‍म के लिए जंगल में बड़ी मात्रा में कटाई की गई है। यह वन में कटाई की सीमा का उल्‍लंघन है। उन्‍होंने इसके लिए सैटेलाइट तस्‍वीरों से तुलना की बात कही है। मंत्री ने कहा कि यदि पेड़ों को बिना मंजूरी के काटा गया है, तो यह वन कानून के उल्लंघन का मामला है।

Red Max Media
Author: Red Max Media

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