बुलडोज़र परआज होगा फैसला,तय होगा दिशानिर्देश

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प्रतीकात्मक तस्वीर

उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों की सरकारें बुलडोजर एक्शन पर ज्यादा जोर देती हैं। इस बुलडोजर एक्शन पर रोक की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट में जमीयत उलेमा-ए-हिंद समेत कई लोगों ने इस मसले पर याचिका डाली हुई है।

सुप्रीम कोर्ट बुधवार को अपने फैसले में देशभर में राज्य सरकारों के द्वारा किए जा रहे बुलडोजर एक्शन पर गाईडलाइन तय करेगा। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बीआर गवई की अध्यक्षता वाली बेंच सुबह 10:30 बजे अपना फैसला सुनाएगी।

बुलडोजर एक्शन के खिलाफ याचिका

सुप्रीम कोर्ट में जमीयत उलेमा-ए-हिंद समेत कई याचिका कर्ताओं ने देशभर के अलग-अलग राज्यों में हो रहे बुलडोजर एक्शन के खिलाफ याचिका दाखिल की थी। इसी मामले पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट कल फैसला सुनाने वाला है।

बुलडोजर एक्शन पर कोर्ट ने की थी सख्त टिप्पणी

पिछले दिनों बुलडोजर एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है। ऐसे में सार्वजनिक जगहों पर अवैध निर्माण पर बुलडोजर एक्शन नहीं रुकेगा। चाहे वो धार्मिक स्थल ही क्यों ना हो।

ध्वस्तीकरण नहीं हो सकता इसका आधार-कोर्ट

इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि कोई भी शख्स आरोपी या दोषी है। यह ध्वस्तीकरण का आधार नहीं हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाए जाने पर रोक लगा दी थी।

यह अराजकता है- पूर्व CJI चंद्रचूड़

इस मामले में सुनवाई करते हुए पूर्व सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा था, ‘आप कहते हैं कि वह अतिक्रमणकारी था। लेकिन आप इस तरह से लोगों के घरों को कैसे ध्वस्त करना शुरू कर सकते हैं? किसी के घर में घुसना और बिना किसी सूचना के उसे ध्वस्त करना, यह अराजकता है।’

अंदर रखे घरेलू सामानों का क्या होगा?

इसके साथ ही चंद्रचूड़ ने उत्तर प्रदेश सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील से पूछा, ‘आप बुलडोजर लेकर रातों-रात निर्माण को ध्वस्त नहीं कर सकते। आप परिवार को घर खाली करने का समय नहीं देते। घर के अंदर रखे घरेलू सामानों का क्या होगा?’

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Author: Red Max Media

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