
देश की दो सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया और हुंडई मोटर्स इंडिया की हालत इन दिनों काफी खराब है. मार्केट में जब से टाटा और महिंद्रा ने अपना दम दिखाना शुरू किया है, मारुति और हुंडई के लिए बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है.
भारत की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया और दूसरी बड़ी कार कंपनी हुंडई मोटर्स इंडिया की हालत खराब है. इन कंपनियों को मार्केट को जहां बीवाईडी और सिट्रोएन जैसी नई कंपनियों से चुनौती मिलनी शुरू हुई है. वही महिंद्रा और टाटा जैसी कंपनियों ने मार्केट में जबरदस्त बढ़त बनाई है. पैसेंजर व्हीकल के मार्केट में हालात ऐसे हैं कि 12 साल से चले आ रहे रिकॉर्ड टूट रहे हैं.
मारुति सुजुकी इंडिया और हुंडई मोटर्स इंडिया की पैसेंजर व्हीकल कैटेगरी में सेल लगातार घट रही है. इससे उनका मार्केट शेयर भी कम हुआ है. जबकि एक समय में ये मार्केट में सबसे अधिक दबदबा रखने वाले ब्रांड्स हुआ करते थे.
टूट गया 12 साल का रिकॉर्ड
चालू वित्त वर्ष 2024-25 की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) के आंकड़ों को देखें तो मार्केट शेयर के मामले में मारुति और हुंडई पिछले 12 साल के निचले स्तर पर आ गई हैं. ये पैसेंजर व्हीकल मार्केट में कस्टमर्स की बदलती डिमांड और चॉइस की ओर इशारा करता है.
Tata पहुंची 11 साल की ऊंचाई पर
अगर मार्केट शेयर के हिसाब से देखें तो महिंद्रा के पास पहली छमाही में बाजार की 12.5 प्रतिशत हिस्सेदारी रही है. ये उसका अब तक का बेस्ट परफॉर्मेंस है. वहीं टाटा मोटर्स ने जबरदस्त तेजी दिखाई है. टाटा मोटर्स का मार्केट शेयर 13.3 प्रतिशत रहा है. हालांकि ये 2022-23 के 14 प्रतिशत से थोड़ा कम है, जो उसका 11 साल का रिकार्ड हाई था.
Author: Red Max Media
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