G-20 में दिखी पीएम मोदी की कूटनीतिक पावर,

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जी20 शिखर सम्मेलन में दिखी पीएम की कूटनीतिक पावर
दुनिया की 20 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के समूह में एक बार फिर भारत की धाक देखने को मिली. शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी की कुर्सी अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन के बिल्कुल बगल में रखी गई. यानी दुनिया के सबसे पावरफुल ग्रुप G-20 में भारत की पोजिशन बहुत मजबूत दिखाई दी.
दुनिया की 20 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के समूह में एक बार फिर भारत की धाक देखने को मिली. ब्राज़ील की मेजबानी में हो रहे G-20 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी को सेंटर स्टेज में जगह दी गई. ग्लोबल मंच पर दुनिया की सबसे बड़ी कूटनीतिक शक्तियों के बीच इस तस्वीर ने सभी का ध्यान अपनी तरफ खींचा. पीएम मोदी की कुर्सी अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन के बिल्कुल बगल में रखी गई. पीएम मोदी की कुर्सी लाइन में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से भी आगे थी. उनके बगल में थे जी20 की मेजबानी कर रहे ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा. यानी दुनिया के सबसे पावरफुल ग्रुप G-20 में भारत की पोजिशन बहुत मजबूत दिखाई दी. इस ग्रुप में शामिल सभी देशों के लिए भारत एक नया ग्रोथ इंजन बन गया है.
शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए जब प्रधानमंत्री मोदी पहुंचे तो ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा ने रास्ते में ही उनका स्वागत किया. ब्राजील के राष्ट्रपति ने पीएम मोदी के कंधे पर हाथ रखा. फिर हाथ पकड़कर काफी देर तक बात करते रहे. भारत और ब्राजील 2 ऐसे देश हैं, जिनकी यूएन सिक्योरिटी काउंसिल में स्थाई सीट का रूस और अमेरिका जैसे देश समर्थन कर चुके हैं. इस बार भी ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा ने भारत के पक्ष में बड़ा बयान दिया है.

भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का सदस्य बनाने की मांग

उन्होंने भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का सदस्य बनाए जाने की मांग की. यानी भारत और ब्राजील 2 ऐसी शक्तियां हैं, जिन्हें यूएन जैसी संस्थाएं लंबे वक्त तक संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उनका हक देने से रोक नहीं सकती. भारत जहां पिछले साल ही दिल्ली में G-20 समिट को होस्ट कर चुका है. वहीं इस बार ब्राजील ने भी रियो डी जेनेरियो में दुनिया की 20 आर्थिक शक्तियों को बड़ा मंच दिया.
G-20 समिट के साथ ही भारत की कई देशों के साथ द्विपक्षीय बात भी हुई. पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैन्युअल मैक्रों, ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर, इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी, पुर्तगाल के पीएम लुइस मोंटेनेग्रो, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबिआंतो और नॉर्वे के पीएम जोनास गेर स्टोर से द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत की. साथ ही भारत और ब्राजील के बीच आगे बहुत बड़ी डिफेंस डील हो सकती है. ये एक बार्टर डील है, जिसमें दोनों देशों का फायदा है.

ब्राजील खरीद सकता है तेजस Mk1 A फाइटर जेट

भारत ब्राजील से 60 मीडियम ट्रांसपोर्ट प्लेन ले सकता है. बदले में ब्राजील भारत का बेहद ताकतवर लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट ले सकता है. भारत ब्राजील से C-390 M मिलिट्री ट्रांसपोर्ट जेट ले सकता है. ब्राजील तेजस Mk1 A फाइटर जेट खरीद सकता है. भारत अपने यहां AN32 को बदलना चाहता है, जिसका बेहतर विकल्प C-390 M मिलिट्री ट्रांसपोर्ट प्लेन है. वहीं, ब्राज़ील अपने यहां F-5 फाइटर जेट को बदलना चाहता है, जिसके विकल्प के तौर पर वो तेजस को देख रहा है.
भारत और ब्राजील में हर साल करीब 15 अरब डॉलर का व्यापार होता है. ब्राजील के साथ भारत के करीब 75 साल पुराने कूटनीतिक संबंध हैं. करीब 22 करोड़ की आबादी वाले ब्राजील में सिर्फ 4 हज़ार भारतीय रहते हैं. ब्राजील में भारतीय संस्कृति और परंपराओं की गहरी छाप दिखाई पड़ती है. अब जो न्यूज रील आपके सामने आ रही है. उसमें आपको भारत की कूटनीतिक शक्ति के सभी सूत्र देखने को मिल जाएंगे.
Red Max Media
Author: Red Max Media

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