
बांग्लादेश पर हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के विरोध में प्रदर्शन करने पर इस्कॉन के चिन्मय कृष्ण दास प्रभु को गिरफ्तार कर लिया गया है। चिन्मय प्रभु पर राष्ट्रद्रोह का मामला दर्ज किया गया था।
इस्कॉन बांग्लादेश सचिव चिन्मय दास ब्रह्मचारी को बांग्लादेश डिटेक्टिव डिपार्टमेंट ने ढाका हवाई अड्डे से गिरफ्तार कर लिया है। सूत्र के अनुसार ढाका से चटगांव जाते समय चिन्मय दास को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है।
बांग्लादेश में इस्कॉन समूह के प्रमुख सदस्यों में से एक चिन्मय दास ब्रह्मचारी पर राष्ट्रद्रोह का मामला दर्ज किया गया था। यह मामला 20 अक्टूबर को चिटगांव जिले में चिन्मय दास समेत 19 अन्य हिंदू संगठनों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज हुआ था। आरोप है कि 25 अक्टूबर को चिटगांव में आयोजित एक रैली के दौरान बांग्लादेश के राष्ट्रीय ध्वज की अवमानना की गई, जहां इस्कॉन का भगवा झंडा बांग्लादेश के झंडे के ऊपर फहराया गया था।
निशाने पर हैं हिंदू
बांग्लादेश में छात्र आंदोलन की वजह से शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद से वहां रहने वाले अल्पसंख्यक हिंदू निशाने पर हैं। छात्र आंदोलन के दौरान हिंदुओं और उनके धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया गया था। बांग्लादेश के खुलना, मेहरपुर स्थित इस्कॉन मंदिर को भी निशाना बनाया था। इस हमले को लेकर चिन्मय प्रभु ने हिंदू मंदिरों की सुरक्षा पर गहरी चिंता जताई थी।








