कोलकाता में सड़क पर उतरे जूनियर डॉक्टर्स

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सीबीआई से उठ गया है भरोसा: डॉ विप्लव चंद्रा
कोलकाता रेप-मर्डर केस मामले में आरजी कर के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष और पूर्व पुलिस अधिकारी अभिजीत मंडल के खिलाफ सीबीआई चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई है. उन्हें जमानत मिल गई है. इसके खिलाफ शनिवार को कोलकाता के डॉक्टरों ने प्रदर्शन किया.

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष और टाला थाने के पूर्व ओसी को जमानत मिलने और सीबीआई की विफलता के खिलाफ शनिवार को जूनियर डॉक्टर्स सहित विभिन्न संगठनों ने कोलकाता में जुलूस निकाला और प्रदर्शन किया. दूसरी ओर, सीजीओ कॉम्प्लेक्स में पश्चिम बंगाल जूनियर डॉक्टर्स फ्रंट और मेडिकल सर्विस सेंटर, सर्विस डॉक्टर्स फोरम, नर्सेज यूनिटी और अन्य नागरिकों के प्रतिनिधियों ने सीबीआई के जांच अधिकारी को ज्ञापन सौंपा और न्याय की मांग की.

जूनियर डॉक्टर और नर्स करुणामयी से सीजीओ कॉम्प्लेक्स तक मार्च निकाला, तो रानी रासमणि एवेन्यू पर डॉक्टरों ने विरोध प्रदर्शन किया. मृत लेडी डॉक्टर के माता-पिता भी विरोध में सड़क पर उतर आये. फिर इसी दिन आठ जूनियर डॉक्टरों के प्रतिनिधि सीजीओ कॉम्प्लेक्स पहुंचे.

जूनियर डॉक्टर देबाशीष हलदर ने कहा, ”मैं कल की घटना के जवाब में सीजीओ कॉम्प्लेक्स जा रहा हूं. यह दिखाने जा रहे हैं कि आम लोग सड़कों पर हैं. इस तरह न्याय व्यवस्था को तमाशा नहीं बनाया जा सकता. वह संदेश देने जा रहा हूं. उधर, मृत लेडी डॉक्टर के पिता ने कहा, ‘और क्या! ऐसे में न्याय के लिए आंदोलन को मजबूत करना होगा. सड़क पर उतरना होगा.

कोलकाता में सड़क पर उतरे जूनियर डॉक्टर्स

उधर, रानी रासमणि एवेन्यू में चल रहे जुलूस में पुतला फूंके जाने से हड़कंप मच गया. प्रदर्शनकारियों का दावा है कि पुलिस उनके मार्च को रोक रही है. जब आंदोलनकारी पुतला जलाने गए तो कुछ लोगों ने पानी डालकर उन्हें रोक दिया. दमकलकर्मी पानी देने आये. फिर बहस हुई. विरोध कर रहे एक डॉक्टर ने कहा, ”पीले कपड़ों में एक व्यक्ति आया और ड्रम से पहले पानी डाला. फिर पीटने लगे, ऐसे कैसे मिलेगा न्याय?

मेडिकल सर्विस सेंटर के राज्य सचिव डॉ विप्लव चंद्रा ने कहा कि सीबीआई अधिकारी से बात करने के बाद हम निराश हैं. इससे पहले जब हम सीबीआई अधिकारियों से मिलने गए तो उन्होंने कहा कि अभी 90 दिन बाकी हैं. हां, हम आरोप पत्र देंगे. लेकिन हम यह देखकर हैरान थे कि 90 के बाद दिन, अब सीबीआई अधिकारी कहते हैं कि आरोप पत्र देने के लिए 90 दिन पर्याप्त नहीं हैं, क्या आप पर कोई प्रभाव पड़ता है, जो दाखिल करने में इतना समय लगता है?

सीबीआई से उठ गया है भरोसा: डॉ विप्लव चंद्रा

उन्होंने कहा कि लोगों का आप पर से भरोसा उठ गया है, अगर आपने तुरंत संदीप घोष और अभिजीत मंडल के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल नहीं किया तो लोगों का आप पर से भरोसा उठ जायेगा. उन्होंने कहा कि हम जनता से कहना चाहते हैं कि राज्य प्रशासन और सीबीआई के बीच मिलीभगत को रोकने और अभया की हत्या के लिए न्याय पाने का एकमात्र तरीका आंदोलन है. हमारे पास आंदोलन के सिवा कोई रास्ता नहीं है.

Red Max Media
Author: Red Max Media

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