मोजाम्बिक की सर्वोच्च न्यायालय के एक फैसले से भड़की हिंसा

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मोजाम्बिक की सर्वोच्च न्यायालय

पूर्वी अफ्रीका के सर्वोच्च न्यायालय के एक फैसले से हिंसा और भड़क गई है। ताजा हिंसा में 21 लोगों की मौत हो गई है। इससे मोजाम्बिक में मरने वाले लोगों की कुल संख्या 150 पहुंच गई है।

मोजाम्बिक की सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले से देश में बवाल मच गया है। देश के उच्चतम न्यायालय ने ऐसा फैसला सुनाया कि हिंसा भड़क उठी। इसमें 21 लोगों की मौत हो गई। इससे मोजाम्बिक हिंसा में मरने वालों की संख्या 150 हो गई है। बता दें कि कोर्ट द्वारा सत्तारूढ़ फ्रीलीमो पार्टी से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डेनियल चैपो को नौ अक्टूबर को हुए विवादित चुनावों का विजेता घोषित किए जाने पर वहां हिंसा भड़क गई, जिसमें पुलिस के दो अधिकारियों सहित कम से कम 21 लोग मारे गए। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

मोजाम्बिक के गृह मंत्री पास्कोल रोंडा ने मंगलवार देर रात मापुतो में एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि एक दिन पहले अदालत की घोषणा के बाद हिंसा और लूटपाट शुरू हो गई। उन्होंने कहा कि चैपो के निकटतम प्रतिद्वंदी और चुनाव में हार गए उम्मीदवार वेनांसियो मोंडलेन के युवा समर्थकों ने इस हिंसा का नेतृत्व किया। इस चुनाव में चैपो को 65 प्रतिशत मत मिले जबकि मोंडलेन को 24 प्रतिशत ही वोट मिल सके। रोंडा ने कहा, ‘‘प्रारंभिक सर्वेक्षण से पता चला है कि पिछले 24 घंटे में पूरे राष्ट्र में हिंसा की 236 घटनाएं दर्ज की गईं।

भीड़ ने 86 कैदियों को जेल से कराया आजाद

उन्होंने कहा कि इसमें 13 नागरिक और पुलिस के 12 कर्मी घायल हुए हैं। रोंडा ने बताया कि पुलिस के दो वाहनों समेत कुल 25 वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। उन्होंने बताया कि 11 पुलिस चौकियों तथा एक कारागार पर हमला कर वहां तोड़फोड़ की गई और 86 कैदियों को छुड़ा लिया गया। मोंडलेन ने शुक्रवार से ‘बंद’ का आह्वान किया है, लेकिन देश में हिंसा पहले ही बढ़ चुकी है और मंगलवार रात को राजधानी में स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। देश के निर्वाचन निकाय द्वारा प्रारंभिक परिणाम घोषित किये जाने के बाद से चुनाव पश्चात हिंसा में मरने वाले लोगों की संख्या 150 से अधिक हो गयी है।

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Author: Red Max Media

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