
जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर अभी पटना के मेदांता अस्पताल में भर्ती हैं। उनको सांस लेने में दिक्कत हो रही है। सीनियर डॉक्टरों की देख-रेख में उनका इलाज चल रहा है। इस बीच उनकी वैनिटी वैन एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
2011 में खरीदी वैन, रजिस्ट्रेशन 2017 में हुआ
परिवहन विभाग के पत्र से पता चलता है कि पटना के गांधी मैदान में अनशन के दौरान जिस वैनिटी वैन का इस्तेमाल प्रशांत किशोर रहे थे, उसे 6 जून, 2011 में खरीदा गया था। हालांकि, वाहन का रजिस्ट्रेशन 28 नवंबर 2017 को कराया गया।

रोड टैक्स की कोई जानकारी नहीं मिली
वैनिटी वैन का निबंधन Fully Build Category में किया गया है। वाहन पर DC कंपनी का लोगो लगा हुआ है। एक और सामने आई है कि वाहन का रोड टैक्स ऑनलाइन प्रदर्शित नहीं हो रहा है, ना ही वाहन का मूल्य प्रदर्शित हो रहा है। जिससे रोड टैक्स का पता लगाया जाता है।
पंजाब में रजिस्टर है वैनिटी वैन
संबंधित वैनिटी वैन के डाइमेंशन भी ऑनलाइन कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। एक और बात पता चली है कि वाहन का निबंधन पंजाब है, जबकि मोटर वाहन अधिनियम की धारा 49 (1) के अंतर्गत 30 दिनों के अंदर वाहन स्वामी को अपने आवासीय पते वाले संबंधित RTO/DTO का सूचना देना अनिवार्य है। वाहन मालिक ने इसका अनुपालन नहीं किया।
चेसिस नंबर से हुई छेड़छाड़!
उक्त वाहन का चेसिस संख्या भी स्पष्ट नहीं है। ऐसा भी लगता है कि चेसिस संख्या के साथ छेड़छाड़ की गई है। विधि विज्ञान प्रयोगशाला में इसकी जांच कराई जा सकती है, ताकि चेसिस की सही पहचान हो सके।
वैन की मोडिफिकेशन की जानकारी पोर्टल पर दर्ज नहीं
पत्र में एक और बात कही गई है कि वाहन का निबंधन मोटर कार निजी के रूप में किया गया है, जबकि इसका प्रयोग कमर्शियल वाहन के रूप में होते हुए पकड़ा गया है। वाहन में जो एयर कंडीशन, सोफे, बेड और वीडियो एलसीडी लगाया गया है, उसकी जानकारी भी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज नहीं है।
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