
देश छोड़कर भारत में रह रहीं बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना बहुत बड़ी मुश्किल में फंस गई हैं। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने पूर्व प्रधान मंत्री शेख हसीना और 96 व्यक्तियों के पासपोर्ट को रद्द कर दिया है। स्थानीय बांग्लादेशी मीडिया ने मंगलवार की शाम को बताया कि ये कार्रवाई जुलाई में देश में हुए विद्रोह के दौरान हुई मौतों और जबरन गायब करने की घटनाओं में शामिल होने के आरोपों के आधार पर की गई है। निरस्त किए गए पासपोर्टों में से 22 जबरन गायब किए जाने से जुड़े थे, जबकि हसीना सहित 75 लोग जुलाई के विद्रोह के दौरान हुई हिंसा से जुड़े थे, जिसके कारण कथित तौर पर कई मौतें हुईं।
गिरफ्तार हो सकती हैं शेख हसीना
इसके अतिरिक्त, जबरन पासपोर्ट गायब करने के आरोप में हसीना और 11 अन्य के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी) द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। अगर शेख हसीना भारत से हिलती भी हैं तो उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। ट्रिब्यूनल ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना सहित सभी आरोपी पक्षों की गिरफ्तारी और प्रस्तुति के लिए 12 फरवरी की समय सीमा जारी की है।
आईसीटी के अध्यक्ष, न्यायमूर्ति एमडी गोलाम मुर्तुजा मोजुमदार ने मामले की गहन जांच के महत्व पर जोर देते हुए गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। पुलिस महानिरीक्षक को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है कि आरोपी व्यक्तियों को पकड़ा जाए और न्यायाधिकरण के समक्ष लाया जाए।
दूसरी बार जारी किया गया है गिरफ्तारी वारंट
बता दें कि अगस्त 2024 में ऐतिहासिक सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच अवामी लीग के नेतृत्व वाली सरकार गिरने के बाद भारत के लिए रवाना हुईं हसीना को अब अपने दूसरे गिरफ्तारी वारंट का सामना करना पड़ रहा है। जुलाई और अगस्त में बड़े पैमाने पर विद्रोह के दौरान मानवता के खिलाफ अपराध और नरसंहार के आरोपों ने उनके खिलाफ कानूनी जांच तेज कर दी है। ऐसे में हसीना बहुत बड़ी मुश्किल में फंस गई हैं।
Author: Red Max Media
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