जुमे की नमाज के दौरान कालीपट्टी बांधने कीअपील

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सांकेतिक तस्वीर

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने भारत के सभी मुसलमानों से अपील की है कि वे वक्फ संशोधन विधेयक 2024 के विरोध में जुमातुल विदा पर काली पट्टी बांधें।

केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित वक्फ विधेयक पर विरोध बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को अलविदा जुमा है यानि रमज़ान के महीने का आखिरी जुमा। इसके बाद सीधे ईद की सामुहिक नमाज़ होगी लेकिन आज की नमाज से पहले ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB)  ने एक अलग चाल चल दी है। लॉ बोर्ड ने देशभर के मुसलमानों से अपील की है कि सभी लोग हाथ में काली पट्टी बांधकर रमजान के आखिरी जुमे की नमाज़ पढ़ें। ये फैसला वक्फ संशोधन बिल की मुखालफत करने के लिए किया गया है। जुमे की नमाज के दौरान काली पट्टी बांधकर सरकार के इस फैसले का विरोध किया जाएगा।

काली पट्टी बांधकर नमाज़ पढ़ें- AIMPLB

वहीं, मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने जुमे की नमाज को विरोध के हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने की कोशिश की है। बोर्ड ने मुसलमानों से अपील की है कि आज काली पट्टी बांधकर नमाज़ पढ़ें जिससे केन्द्र सरकार की मुखालफत का संदेश जा सके। AIMPLB के महासचिव मौलाना मोहम्मद फजलुर रहीम मुजद्दिदी ने बोर्ड के X हैंडल पर वीडियो जारी करते हुए कहा- “वक्फ (संशोधन) विधेयक के खिलाफ एआईएमपीएलबी का प्रदर्शन जारी है। इस संदर्भ में, जुमा तुल ​​विदा (रमजान का आखिरी शुक्रवार) के अवसर पर अपना विरोध दर्ज कराएं।”

विजयवाड़ा में होगा प्रदर्शन

AIMPLB ने आंध्र प्रदेश में भी प्रदर्शन की बात कही है। जारी किए गए नोटिस में AIMPLB ने कहा- “दिल्ली के जंतर-मंतर और पटना के धरना स्थल पर मुसलमानों के जोरदार विरोध प्रदर्शन ने कम से कम भाजपा के सहयोगी दलों में हलचल तो पैदा कर दी है। अब 29 मार्च 2025 को विजयवाड़ा में भी एक बड़ा विरोध प्रदर्शन होने वाला है।”

संसद में कब पेश होगा वक्फ बिल?

संसद की जेपीसी ने वक्फ (संशोधन) विधेयक पर अपनी रिपोर्ट बीते 30 जनवरी को ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सौंप दी थी। इस बिल को लेकर 31 सदस्यों वाली कमेटी ने  कई बैठकें और चर्चाएं की थीं। माना जा रहा है कि वर्तमान में संसद में जारी बजट सत्र के दौरान ही वक्फ (संशोधन) विधेयक को संसद में पारित करने के लिए पेश किया जा सकता है।

 

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Author: Red Max Media

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