
गृह मंत्रालय ने मणिपुर अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड में AFSPA को छह महीने के लिए बढ़ा दिया है। मणिपुर के 5 जिलों के 13 थाना क्षेत्रों को छोड़कर बाकी हिस्सों में यह लागू रहेगा। अरुणाचल प्रदेश के तिरप चांगलांग लोंगडिंग और तीन थाना क्षेत्रों में इसे फिर लागू किया गया है। नगालैंड के आठ जिलों में AFSPA बढ़ाया गया है। यह कानून सुरक्षा बलों को विशेष शक्तियां प्रदान करता है।
क्या होता है AFSPA?
AFSPA को अशांत इलाकों में लागू किया जाता है। इस कानून के तहत सुरक्षाबलों को एक महत्वपूर्ण ताकत मिलती है। इसके तहत सुरक्षाबलों के पास बिना वारंट के किसी को भी गिरफ्तार करने की ताकत होती है। साथ ही इसके कानून के चलते कई मामलों में बल प्रयोग का भी प्रावधान है। AFSPA को सिर्फ अशांत क्षेत्रों में ही लागू किया जाता है।
AFPSA के तहत सुरक्षा बलों को क्या मिले हैं विशेष अधिकार?
आफ्सपा (AFSPA) कानून सुरक्षा बलों को किसी व्यक्ति को बिना वारंट के गिरफ्तार करने, बिना वारंट के परिसर में प्रवेश करने या तलाशी लेने और अन्य कार्रवाई करने का अधिकार देता है। इसके साथ ही AFSPA गोली चलाने की भी अनुमति देता है।
इसके अलावा सुरक्षाबलों को ये भी अधिकार है कि अगर कोई भी उग्रवादी या उपद्रवी घर में छिपा होता है तो उसे तबाह भी किया जा सकता है। इस कानून के तहत कार्रवाई तभी संभव है, जब केंद्र सरकार द्वारा इसे किसी अशांत क्षेत्र में लागू किया हो।








