वक्फ बिल पर बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान का ताजा बयान

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान

उन्होंने कहा कि वक्फ प्रॉपर्टी का इस्तेमाल केवल मुस्लिमों के कल्याण के लिए नहीं है। यह हर उस शख्स के लिए है जो गरीब है, निर्धन है, जिसे सहारे की जरूरत है।

बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने वक्फ संशोधन बिल पर ताजा बयान में कहा कि वक्फ बोर्ड में सुधार की काफी जरूरत थी और वक्फ संशोधन बिल संसद से पास होने के बाद नए कानून का रूप लेने जा रहा है, यह सुधार की दिशा में सही कदम है। उन्होंने मीडियाकर्मियों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि पटना में भी कई वक्फ प्रॉपर्टी है लेकिन इसके जरिए कितने अस्पताल और स्कूल या अनाथालय बनवाए गए, जरा नाम बता दीजिए?

गरीब और निर्धनों को लाभ मिलना चाहिए

आरिफ मोहम्मद खान ने कुरान की आयतों को जिक्र करते हुए वक्फ का मतलब समझाया। उन्होंने कहा कि वक्फ प्रॉपर्टी का इस्तेमाल केवल मुस्लिमों के कल्याण के लिए नहीं है। यह हर उस शख्स के लिए है जो गरीब है, निर्धन है, जिसे सहारे की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जब मैं यूपी में मंत्री था, तो मैंने कुछ समय के लिए वक्फ विभाग संभाला था। हर समय मुझे ऐसे लोगों से मिलना पड़ता था, जिनके संपत्ति के मामले चल रहे थे।

वक्फ प्रॉपर्टी का सही उपयोग होना चाहिए

उन्होंने आग कहा-वक्फ प्रॉपर्टी लोगों के कल्याण के लिए थीं। लेकिन क्या लोगों का कल्याण हो रहा था?  आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि पटना में कई वक्फ संपत्तियां हैं, लेकिन पटना में वक्फ के तहत कोई एक अस्पताल या अनाथालय का नाम बताइए? वहां केवल मामले दर्ज किए जा रहे हैं। इसलिए इसमें बहुत सुधार की जरूरत थी। और यह वक्फ संशोधन विधेयक इसी दिशा में एक कदम है जो जल्द ही कानून बनने जा रहा है।”

लोकसभा और राज्यसभा से बिल पास

बता दें कि संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा से वक्फ संशोधन विधेयक 2025 को मंजूरी मिल चुकी है। अब राष्ट्रपति का हस्ताक्षर होते ही यह बिल कानून का रूप ले लेगा। दोनों सदनों में इस बिल पर लंबी चर्चा हुई। राज्यसभा में इस बिल के समर्थन में कुल 128 वोट पड़े जबकि विरोध में 95 वोट पड़े। वहीं इससे पहले लोकसभा में भी इस बिल पर लंबी चर्चा चली। लोकसभा में इस बिल के समर्थन में 288 वोट पड़े जबकि इसके विरोध में 232 वोट पड़े।

अल्पसंख्यकों के लिए भारत सबसे सुरक्षित-सरकार

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि अल्पसंख्यकों के लिए दुनिया में भारत से सुरक्षित कोई स्थान नहीं है और इस देश के बहुसंख्यक लोग खुद को धर्मनिरपेक्ष मानते हैं। रिजिजू ने सरकार के इस कदम को मुस्लिम विरोधी बताने के कई विपक्षी सदस्यों के दावों को खारिज करते हुए कहा कि इस विधेयक को मुसलमानों को बांटने वाला बताया जा रहा है, जबकि सरकार इसके जरिए शिया, सुन्नी समेत समुदाय के सभी वर्गों को एक साथ ला रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार तो देश में सबसे छोटे अल्पसंख्यक समुदाय पारसी को भी बचाने के लिए प्रयास कर रही है।

Red Max Media
Author: Red Max Media

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें