
अमृतसर में वक्फ बोर्ड (Waqf Board) के पास लगभग 1400 संपत्तियां हैं जिनका मूल्य अरबों रुपये है। इन संपत्तियों में मस्जिदें दुकानें कृषि भूमि और धार्मिक स्थल शामिल हैं। केंद्र सरकार द्वारा पारित वक्फ संशोधन विधेयक का कुछ हिस्सों में विरोध और कई जगह स्वागत हो रहा है। वक्फ बोर्ड संघर्ष मोर्चा ने सरकार के फैसले का समर्थन किया है।
अमृतसर वक्फ बोर्ड के पास हैं 1400 संपत्तियां
अमृतसर के अजनाला में वक्फ बोर्ड के अधीन सर्वाधिक 834 संपत्तियां हैं। इनमें अधिकांश भाग कृषि क्षेत्र का है। बोर्ड की ओर से इनका किराया वसूला जाता था। यह किराया मुख्य मस्जिदों में इमामों को वेतन देने के लिए किया जाता है। इस पैसे का उपयोग वक्फ बोर्ड उन संपत्तियों के लिए करता था जिन पर कोर्ट केस थे।
डॉ. राकेश ने कहा कि सरकार का यह फैसला बेहद प्रशंसनीय है। वक्फ बोर्ड की ओर से इन दुकानदारों को परेशान किया जाता रहा है। मोर्चा की ओर से इन दुकानों का किराया बंद करवाया गया। इसके साथ ही जिले में वक्फ बोर्ड का अब कभी दखल नहीं रहने दिया जाएगा।
गुरुनगरी में इन मस्जिदों में है वक्फ बोर्ड की दुकानें
गुरुनगरी में स्थित जामा मस्जिद सबसे पुरानी माना जाता है। शहर में जान मोहम्मद मस्जिद है, जिसे लगभग 165 साल पहले व्यवसायी जान मोहम्मद ने बनवाया था। टाउन हाल के सामने स्थित इस मस्जिद की भूतल में पंद्रह दुकानें हैं।
156 साल पुराना मंदिर मस्जिद खैरुद्दीन शहर में वक्फ के स्वामित्व वाली धार्मिक इमारत है। इसी मार्ग पर मस्जिद सिकंदर खान है, जिसमें पांच दुकानें हैं।
मस्जिद हमजा शरीफ जो 150 साल से अधिक पुरानी है, में भी पांच दुकानें हैं, जिनमें से अधिकांश कानूनी विवाद का सामना कर रही हैं। इसके अतिरिक्त कब्रिस्तान, कब्र और कई धार्मिक स्थल हैं।








