
AWACS सिस्टम तबाह होने से अब पाकिस्तानी वायुसेना को नौसेना और पाकिस्तान आर्मी के साथ समन्वय बनाने में परेशानी होगी। भारत की इस कार्रवाई के बाद अब पाकिस्तान एयरफोर्स की क्षमता आधी से भी कम बचेगी।
भारत ने अपनी जवाबी कार्रवाई में लाहौर में स्थित पाकिस्तान के AWACS (Airborne Warning and Control System) को तबाह कर दिया है। AWACS सिस्टम तबाह होने से अब पाकिस्तानी वायुसेना को नौसेना और पाकिस्तान आर्मी के साथ समन्वय बनाने में परेशानी होगी। भारत की इस कार्रवाई के बाद अब पाकिस्तान एयरफोर्स की क्षमता आधी से भी कम बचेगी। इससे पहले भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई में उनके कुल 3 लड़ाकू विमानों को मार गिराया। भारत ने पाकिस्तान के जिन लड़ाकू विमानों को मार गिराया, उनमें दो जेएफ-17 और एक एफ-16 शामिल हैं।
क्या है AWACS सिस्टम?
AWACS एक एयरबोर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम है, जो कि एक खास प्रकार का विमान है जिसे लंबी दूरी पर निगरानी करने और दुश्मन की गतिविधि का पता लगाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह पूरा सिस्टम एक विमान में स्थापित किया जाता है और रडार व अन्य सेंसरों के साथ लैस होता है। विशेषज्ञों के अनुसार AWACS विमान पर लगा रडार सिस्टम भारतीय हवाई क्षेत्र को स्कैन कर सकता है।
AWACS सिस्टम की मुख्य विशेषताएं-
- अवाक्स प्लेटफॉर्म शक्तिशाली ग्राउंड बेस्ड रडार की सीमित क्षमताओं के पार जाकर जानकारी जुटाते हैं।
- अवाक्स गतिशील होते हैं और विभिन्न ऊंचाइयों पर उड़ सकते हैं। इससे उन्हें कम ऊंचाई पर उड़ने वाली मिसाइलों, विमानों या पृथ्वी की वक्रता के कारण जमीन पर मौजूद रडार की दृष्टि में न आने वाले वस्तुओं की पहचान भी कर पाते हैं।
- अवाक्स एक व्यापक मोर्चे को कवर कर सकता है, जिससे यह जमीन पर मौजूद रडार और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों के साथ समन्वय करके एक गहन नेटवर्क वाली एकीकृत वायु रक्षा (आईएडी) बना सकते हैं।
- यह दुश्मन के हवाई क्षेत्र पर भी नजर रख सकते हैं।
उदाहरण-
- बोइंग ई-3 सेंट्री (AWACS): संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा विकसित और नाटो तथा अन्य देशों द्वारा उपयोग किया जाता है।
- एल/एम-2090 फाल्कन: इल्यूशिन आईएल-76 विमान पर लगा एक इजरायली रडार सिस्टम, जिसका उपयोग भारतीय वायु सेना द्वारा किया जाता है।
- डीआरडीओ का नेत्रा: भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित AEW&C सिस्टम।
भारत ने पाकिस्तान के हाईटेक AWACS को किया नेस्तनाबूद
वहीं, आपको बता दें कि AWACS विमान आकार में बड़े और लड़ाकू विमानों की तुलना में कम फुर्तीले होते हैं। इनकी रफ्तार की कम होती है। यही वजह है कि इन्हें हवा में लंबी दूरी तक मार करने वाले मिसाइलों से खत्म किया जा सकता है। भारत का S-400 सिस्टम इस रोल को निभाने के लिए तैयार था।
सैन्य विशेषज्ञों ने पहले ही बताया था कि अगर लड़ाई हुई तो भारतीय बलों को पाकिस्तानी एयर फोर्स की हमला करने की क्षमता को खत्म करना होगा। इसके लिए पाकिस्तानी AWACS को तबाह करना होगा। इससे पाकिस्तान के लड़ाकू विमान दूर तक मार करने की क्षमता खो देंगे। जंग की स्थिति में यह काम पहले कुछ घंटों के भीतर करना होगा। वहीं, भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए आज पाकिस्तान के AWACS सिस्टम को तबाह कर दिया है।








