नोएडा में बनेगा भव्य डियर पार्क

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रेस्क्यू किए हिरणों का होगा पुनर्वास
नोएडा के सेक्टर-91 बायोडायवर्सिटी पार्क में डियर पार्क और सनसेट सफारी बनने जा रही है। इसके लिए दो वन्यजीव सलाहकारों की नियुक्ति हुई है। यहाँ नोएडा एयरपोर्ट से रेस्क्यू किए हिरणों के साथ अन्य चिड़ियाघरों से हिरण लाए जाएंगे। इस डियर पार्क को बनाने में लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत आएगी जिसमे स्पेक्ट्रम लाइट की मदद से रात में भी हिरणों को देखा जा सकेगा।

सेक्टर-91 बायोडायवर्सिटी पार्क में प्रस्तावित डियर पार्क सनसेट सफारी के लिए दो सलाहकार को नियुक्त किया गया है। इसमें एक रिटायर्ड आईएफएस प्रवीन चंद त्यागी और दूसरे संजय श्रीवास्तव है। दोनों अधिकारियों का वाइल्ड लाइफ में गहरा अनुभव रहा है। प्राधिकरण ने बताया कि दोनों अधिकारियों की गाइडेंस में ही डियर पार्क का सेटअप किया जाएगा।

एक आर्किटेक्ट को भी नियुक्त किया जाएगा। यह सलाहकार के कहने पर ही केज डिजाइन, बाड़ा और अन्य प्रकार की टेक्निकल काम का डिजाइन बनाएगा। बता दें कि यहां नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड़डा से रेस्क्यू किए जाने वाले हिरण को भी रखा जाएगा।

 

हालांकि उनके लिए धनौरी वेटलैंड के पास से रेस्क्यू सेंटर भी बनाया जा रहा है। वहां से कुछ हिरण को यहां भी लाया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश के अन्य चिड़ियाघरों से भी हिरण को यहां लाया जाएगा। करीब 30 एकड़ में मिनी जू की तर्ज पर इस डियर पार्क को बनाने में करीब 40 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

यह जिले की पहली सनसेट सफरी होगी। इसमें रात करीब 10 बजे तक लोग स्पेक्ट्रम लाइट की रोशनी में हिरण व जलीय पक्षियों को देख सकेंगे। स्पेक्ट्रम लाइट में वहां पर मौजूद जानवरों को अंधेरा ही लगेगा। वहीं जो लोग सनसेट सफरी में पहुंचेंगे उनको स्पष्ट दिखाई देगा। 

नोएडा में 10 प्रजातियों के 132 हिरण को लाया जाएगा। इसमें तीन प्रजाती अफ्रीका से एक्सपोर्ट की जाएंगी। इसक अलावा कानपुर, हैदराबाद और लखनऊ के चिड़ियाघर से यहां हिरण लाए जाएंगे। नोएडा प्राधिकरण ने बताया कि नोएडा, गाजियाबाद और आसपास में ऐसा डियर पार्क नहीं है। 

इसलिए यहां डियर पार्क बनाया जा रहा है। इसके लिए नियुक्त किए गए सलाहकारों से बातचीत की जा रही है। ताकि विदेश से लाए जाने वाले हिरण के लिए यहां का पर्यावरण अनुकूल बनाया जा सके। प्राधिकरण अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी ने बताया कि एक बार डिजाइन बनने के बाद सिविल कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया की जाएगी। 

उन्होंने बताया कि जुलाई तक टेंडर प्रक्रिया को पूरा करने की उम्मीद है। निर्माण पूरा होने के बाद ही हिरण को यहां लाया जाएगा। यहां नाइट सफारी भी रहेगी। ऐसे में सलाहकार के डायरेक्शन के बाद ही तय होगा कि डियर के लिए यह कितना अनुकूल है। साथ ही यहां और कौन कौन से जंतु लाए जा सकते है।

Red Max Media
Author: Red Max Media

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