CM सुक्खू ने PM मोदी से मांगी वित्तीय सहायता

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हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट कर हिमाचल प्रदेश के लिए वित्तीय सहायता और लंबित धन जारी करने का आग्रह किया। उन्होंने तुर्किये से सेब के आयात पर कर लगाने और हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की योजना पर भी चर्चा की। सीएम सुक्खू ने जल विद्युत परियोजनाओं में राज्य के हितों की रक्षा करने का भी आग्रह किया।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात कर हिमाचल प्रदेश के लिए उदार वित्तीय सहायता प्रदान करने तथा लंबित धनराशि शीघ्र जारी करने का आग्रह किया। उन्होंने तुर्किये सेब पर 100 प्रतिशत आयात कर लगाने व प्रतिबंध का मसला उठाया। 

उन्होंने प्रधानमंत्री को अवगत करवाया कि प्रदेश सरकार ने हिमाचल को वर्ष-2032 तक आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा है। राज्य सरकार इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए विभिन्न योजनाएं शुरू कर रही है और वर्तमान योजनाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में निरन्तर प्रयासरत है। 

उन्होंने प्रधानमंत्री को प्रदेश सरकार की पर्यटन, हरित ऊर्जा, विद्युत और अन्य क्षेत्रों में की गई पहल के बारे में जानकारी दी। उन्होंने जल विद्युत परियोजनाओं में राज्य के हितों की रक्षा की पैरवी की। उन्होंने इन परियोजनाओं को राज्य को लौटाने के लिए समय सीमा तय करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने जल विद्युत परियोजनाओं में राज्यों के अधिकारों की भी पुरजोर वकालत की और मुफ्त रॉयल्टी तथा 40 वर्ष पूरे कर चुके पीएसयू तथा सीपीएसयू को राज्य को सौंपने का मामला भी उठाया। उन्होंने 40 वर्ष पूरा कर चुकीं परियोजनाओं से अधिशेष भूमि वापिस करने और योजना लागत पूरी करने के उपरान्त रॉयल्टी में बढ़ोतरी से संबंधित मामला भी उठाया। 

सीएम सुक्खू ने कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तारीकरण पर चर्चा की। उन्होंने राज्य के सेब उत्पादकों के हितों की रक्षा का भी आग्रह किया तथा तुर्किये और अन्य देशों से सेब के आयात के संबंध में चर्चा की। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री की मांगों को सुना और सेब के आयात संबंधी मामले की समीक्षा करने तथा अन्य मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

Red Max Media
Author: Red Max Media

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