
भारतीय सेना सामरिक चुनौतियों को देखते हुए प्रेसिजन अटैक क्षमता बढ़ाने पर ध्यान दे रही है। उत्तर प्रदेश के बबीना फायरिंग रेंज में चल रहे प्रशिक्षण में ड्रोन और आधुनिक हथियारों से लक्ष्य भेदने का अभ्यास किया जा रहा है। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने इस प्रशिक्षण का जायजा लिया। ऑपरेशन सिंदूर में सेना ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को प्रेसिजन अटैक से ध्वस्त किया था।
नए दौर की सामरिक चुनौतियों के मद्देनजर भारतीय सेना प्रेसिजन अटैक की अपनी क्षमता बढ़ाने में अब जोर दे रही है। इस लिहाज से उत्तरप्रदेश के झांसी के बबीना फायरिंग रेंज में चल रहा प्रशिक्षण अभ्यास इसलिए महत्वपूर्ण है कि इसमें ड्रोन, कांउटर ड्रोन से लेकर लोइटरिंग म्यूनिशन के आधुनिक हथियारों के जरिए लक्ष्य को भेदने का लाइव अभ्यास किया जा रहा है।
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को खुद बबीना के फाय¨रग रेंज में पहुंचकर इस प्रशिक्षण का लाइव जायजा लिया। पहलगाम आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर की कार्यवाही के दौरान भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तान के खिलाफ जो सैन्य कार्रवाई की वह प्रिसिजन अटैक का शानदार उदाहरण है।
विशेषकर छह-सात मई की मध्य रात्रि के दौरान पाकिस्तान के मुरीदके तथा बहावलपुर समेत चार तथा पाक अधिकृत कश्मीर के पांच यानि कुल मिलाकर नौ आतंकी ठिकानों को प्रिसिज्न अटैक से ही ध्वस्त किया। इसमें ब्रहृमोस मिसाइलों ने तय लक्ष्य पर ही जाकर सटीक हमला किया। सैन्य तनाव बढ़ाने की आशंकाओं को कम करने के साथ नागरिक या गैर-आतंकवादी सैन्य लक्ष्यों से परहेज कर केवल आतंकी ठिकानों को ही निशाना बनाया जाना प्रिसिजन अटैक का लक्ष्य होता है।
बबीना फायरिंग रेंज में सेना का यह प्रशिक्षण अभ्यास 26 से 31 मई तक चलेगा। इस दौरान स्वदेशी यूएएस, काउंटर-यूएएस और लोइट¨रग म्यूनिशन के अत्याधुनिक सटीक युद्ध कौशल क्षमता का लक्ष्य तय कर लाइव प्रदर्शन किया जा रहा है। ड्रोन, कांउटर ड्रोन और स्वार्म ड्रोन अब युद्ध के नए आयाम निर्धारित कर रहे हैं जो आपेरशन सिंदूर के दौरान भी दिखाई दिया।
सेना के लिए यह अभ्यास कितना महत्वपूर्ण है इसका अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि सेना प्रमुख खुद इसका जायजा लेने गए। जाहिर तौर पर इस तरह के प्रशिक्षण अभ्यास से प्रिसिजन अटैक से जुड़े रण कौशल की परिचालन दक्षता, सुरक्षा और सटीक जुड़ाव में महत्वपूर्ण इजाफा होगा।
Author: Red Max Media
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