
प्रशांत किशोर ने प्रधानमंत्री मोदी के बिहार दौरे पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को यह बताना चाहिए कि जो पिछले बार उन्होंने पैसे बिहार को दिए थे वह कहां गया और कहां पर इस्तेमाल हुआ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो दिवसीय बिहार दौरे पर जनसुराज पार्टी के नेता प्रशांत किशोर (पीके) ने तंज कसा है। प्रशांत किशोर ने पीएम मोदी के दौर पर कहा कि अगर आप बिहार के गरीब लोगों के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं तो कम से कम उनके पैसे से अपना और अपनी पार्टी का प्रचार तो मत कीजिए। प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार को ऐसी ट्रेनों की जरूरत नहीं है जिसमें हमारे बच्चे जानवरों की तरह बैठकर दूसरे राज्यों में काम करने जाएं। बिहार को अब बेहतर शिक्षा व्यवस्था और रोजगार की जरूरत है।
गरीबों का पैसा पार्टी के प्रचार के लिए न इस्तेमाल करेंः पीके
पीके ने कहा कि पीएम मोदी वहीं ज्यादा जाते हैं जहां पर चुनाव होने वाले रहते हैं। इससे पहले महाराष्ट्र में चुनाव था तो प्रधानमंत्री वहां दिख रहे थे। अब बिहार में चुनाव है तो अब यहां दिखेंगे। इसमें कोई दिक्कत नहीं है। दिक्कत इस चीज से है कि जब आप बिहार के गरीब लोगों को कुछ दे नहीं रहे हैं तो बिहार की जनता का पैसा लेकर यहां पर जनसभा क्यों कर रहे हो।
1 लाख 25 हजार करोड़ रुपये कहां खर्च हुए
प्रशांत किशोर ने कहा कि पीएम मोदी को यह बताना चाहिए कि 1 लाख 25 हजार करोड़ का पैकेज जो उन्होंने 2015 में घोषणा की थी वह बिहार को मिला कि नहीं। क्योंकि 2015 के बाद बिहार और केंद्र में एनडीए की सरकार है। इसमें दो ही बात हो सकती है या तो पीएम मोदी ने 1 लाख 25 हजार करोड़ रुपये भेजा नहीं, या फिर उन्हीं की सरकार ये पैसे लूट लिया। पीएम को यह बताना चाहिए कि 1 लाख 25 हजार करोड़ रुपये बिहार के कब मिले। छपरा, आरा, सीवान या अन्य जिलों को कितने रुपये मिले। अगर नहीं मिला तो अपने मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं।








