भारत को मध्य एशियाई देशों का मिला समर्थन

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आतंकवादे के मुद्दे पर भारत के साथ हैं ये देश
मध्य एशियाई देश कजाखस्तान तुर्केमेनिस्तान और ताजिकिस्तान ने आतंकवाद के मुद्दे पर भारत को समर्थन दिया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इन देशों के विदेश मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। शुक्रवार को भारत-मध्य एशिया वार्ता में किर्गिजस्तान और उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री भी भाग लेंगे। बैठक में आतंकवाद का मुद्दा रहेगा लेकिन आर्थिक सहयोग प्राथमिकता रहेगी।

मध्य एशियाई देश अजरबैजान भले ही पाकिस्तान के साथ खड़ा हो लेकिन इस क्षेत्र के तीन अहम देश कजाखस्तान, तुर्केमेनिस्तान और ताजिकिस्तान ने आतंकवाद के मुद्दे पर भारत को खुल कर समर्थन किया है।

गुरुवार को इन तीनों देशों के विदेश मंत्रियों के साथ विदेश मंत्री एस जयशंकर की अलग-अलग द्विपक्षीय वार्ता हुई।

 

शुक्रवार को होगी चौथी भारत-मध्य एशिया वार्ता

शुक्रवार को चौथी भारत-मध्य एशिया वार्ता होने वाली है। इसमें उक्त तीनों देशों के अलावा किर्गिजस्तान और उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री भी हिस्सा लेंगे। कल की बैठक में आतंकवाद का मुद्दा भी रहेगा लेकिन विदेश मंत्री ने यहां एक समारोह में स्पष्ट किया कि आर्थिक मुद्दे और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में आपसी सहयोग को मजबूत करना प्राथमिकता में ऊपर रहेगा।

 

आतंकवादे के मुद्दे पर भारत के साथ हैं ये देश

ताजिकिस्तान के विदेश मंत्री सीरोजिद्दीन मुहरिद्दीन, तुर्केमेनिस्तान के उपप्रधानमंत्री व विदेश मंत्री राशिद मेरेदोव और किर्गिजस्तान के विदेश मंत्री झीनबेक कुलुबायेव के साथ बैठक के बाद अपने सोशल मीडिया पर अलग अलग जानकारी दी। इसमें बताया गया है कि आतंकवाद के मुद्दे पर इन सभी देशों ने भारत के साथ सहयोग की बात कही है।

 

तुर्केमेनिस्तान ने की हर तरह के आतंकवाद की निंदा

  • तुर्केमेनिस्तान के विदेश मंत्री ने हर तरह के आतंकवाद की निंदा की है और भारत के साथ सहयोग की बात कही है। इसी तरह से ताजिकिस्तान के विदेश मंत्री ने भारत के साथ आतंकवाद के खिलाफ सहयोग मजबूत करने की बात कही है।
  • विदेश मंत्री जयशंकर ने देर शाम उद्योग चैंबर फिक्की की तरफ से भारत व मध्य एशिया के उक्त पांचों देशों के साथ आर्थिक व कारोबारी सहयोग पर एक विशेष बैठक की जिसमें जयशंकर ने बताया कि शुक्रवार को होने वाली बैठख में चाबहार पोर्ट के इस्तेमाल को लेकर विशेष बात होगी।
  • उन्होंने फिक्की से आग्रह किया कि वह इन देशों के उद्योग चैंबरों के साथ मिल कर चाबहार पोर्ट के जरिए भारत व मध्य एशिया के बीच कारोबार बढ़ाने को लेकर सरकार को सुझाव दे।
  • जयशंकर ने इन देशों से आग्रह किया कि वह भारत के साथ स्थानीय मुद्रा में कारोबार करने पर विचार करे। साथ ही भारत की तरफ से इन देशों मे डिजिटल इकोनमी व डिजिटल वित्तीय लेन-देन को बढ़ावा देने की पेशकश की। उन्होंने कहा कि भारत व मध्य एशियाई देशों के बीच आर्थिक संबंधों को लेकर दीर्घकालिक नीति तैयार होनी चाहिए।
Red Max Media
Author: Red Max Media

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