
भारतीय सेना का एक दल इस अभियान के तहत दिल्ली से आदि कैलाश, ओम पर्वत व लिपुलेख जैसे दुर्गम व सुदूर पहाड़ी इलाकों में मोटरसाइकिल से पहुंचेगा। इस दल का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कर्नल अदिति सिंह कर रही हैं।
भारतीय सेना नारी शक्ति को बढ़ावा देती है। इसकी एक झलक ‘कुमाऊं क्वेस्ट’ मोटरसाइकिल अभियान की शुरुआत में दिखी है। हिमालय की विशाल पर्वतों और दुर्गम पहाड़ियों से होकर गुजरने वाले इस अभियान का नेतृत्व सेना की एक महिला अधिकारी को सौंपा गया है। इस महिला अधिकारी का नाम लेफ्टिनेंट कर्नल अदिति मिश्रा है।
दुर्गम व सुदूर पहाड़ी इलाकों में मोटरसाइकिल से पहुंचेगा ये दल
सेना में अधिकारी अदिति मिश्रा नई दिल्ली से ओम पर्वत और आदि कैलाश तक जाने वाले दल का नेतृत्व कर रही हैं। सेना का यह दल इस अभियान के तहत दिल्ली से आदि कैलाश, ओम पर्वत व लिपुलेख जैसे दुर्गम व सुदूर पहाड़ी इलाकों में मोटरसाइकिल से पहुंचेगा।
8 इंजीनियर रेजिमेंट में की सेवा
इस दल का नेतृत्व करने वाली लेफ्टिनेंट कर्नल अदिति मिश्रा के हाथों पर है। वह दो बच्चों की मां हैं। अदिति मिश्रा ने 8 इंजीनियर रेजिमेंट में कारगिल, असम और जम्मू-कश्मीर सहित चुनौतीपूर्ण इलाकों में शानदार सेवा की है।
परमाणु, जैविक और रासायनिक युद्ध में योग्यता
अपने शानदार 17 साल के करियर के दौरान लेफ्टिनेंट कर्नल अदिति मिश्रा ने परमाणु, जैविक और रासायनिक युद्ध में योग्यता प्राप्त की है। एक उत्साही पर्वतारोही, वह अपने नेतृत्व और सौम्य व्यवहार से लोगों को प्रेरित करती रही हैं।
युवा पीढ़ी को प्रेरित करना मुख्य उद्देश्य
नई दिल्ली से ओम पर्वत और आदि कैलाश तक जाने वाले दल का नेतृत्व करने पर अदिति ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को प्रेरित करना और कुमाऊं क्षेत्र के दूरदराज के इलाकों में दिग्गजों से मिलना है।








