
ग्वालियर में दिव्यांग क्रिकेट टूर्नामेंट खेलने जा रहे दिव्यांग खिलाड़ी विक्रम की मथुरा छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन में अचानक तबियत बिगड़ने से मौत हो गई जिसके बाद अब उनके साथी खिलाड़ी रेलवे अधिकारियों पर इसका आरोप लगा रहे हैं।
पंजाब के दिव्यांग क्रिकेट खिलाड़ी विक्रम सिंह जो लुधियाना से ग्वालियर एक क्रिकेट टूर्नामेंट में हिस्सा लेने जा रहे थे उनकी छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन में अचानक तबियत बिगड़ने की वजह से मौत हो गई। आधिकारिक जानकारी के अनुसार 39 साल के विक्रम सिंह की मृत्यु 4 जून की सुबह मथुरा जंक्शन के पास जब ट्रेन पहुंचने वाली थी उस समय हुई। विक्रम अपनी टीम के साथ ग्वालियर में होने वाले सातवीं श्रीमंत माधवराव सिंधिया मेमोरियल टी-10 चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के लिए जा रहे थे जिसकी शुरुआत 5 जून से होनी थी।
साथी खिलाड़ी ने मांगी थी कॉल कर मेडिकल सहायता
विक्रम सिंह के साथी खिलाड़ी सोमजीत सिंह गौर ने दिए अपने एक बयान में बताया कि सुबह 4:58 बजे रेलवे हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर मेडिकल सहायता मांगी गई थी। लेकिन, समय पर मदद नहीं मिलने के कारण करीब सुबह 8:10 बजे विक्रम सिंह ने दम तोड़ दिया। साथी खिलाड़ी का आरोप है कि बार-बार कॉल करने के बावजूद कोई मेडिकल टीम नहीं पहुंची साथ ही मथुरा जंक्शन के पहले ट्रेन डेढ़ घंटे तक खड़ी रही। वह हमारी आंखों के सामने ही तपड़ते रहे और फिर दम तोड़ दिया और हम कुछ नहीं कर सके।
जीआरपी ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव
दिव्यांग खिलाड़ी विक्रम सिंह की ट्रेन में मौत होने के बाद जीआरपी ने उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के साथ आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं विक्रम के परिवार को जानकारी देने के साथ टीम के बाकी सदस्य टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए ग्वालियर रवाना हो गए। रेलवे ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। बता दें कि विक्रम पंजाब के मलेरकोटला जिले के अहमदगढ़ के पास पोहिर गांव के रहने वाले थे। उन्हें 2020 में बांग्लादेश के खिलाफ एक सीरीज के दौरान भारत की व्हीलचेयर टीम का प्रतिनिधित्व करने के लिए भी बुलाया गया था। हालाँकि, कोविड-19 के कारण यह सीरीज रद्द कर दी गई थी।








