
दिल्ली नगर निगम ने 2028 तक दिल्ली को कूड़े के पहाड़ों से मुक्त करने की योजना बनाई है। जिसे दिलली सरकार को सौंप दिया है। इसके तहत वेस्ट टू एनर्जी प्लांटों की क्षमता बढ़ाई जाएगी और नए बायोगैस संयंत्र स्थापित होंगे। 11300 टन कूड़े में से 8010 निस्तारित होता है।
2028 तक दिल्ली में प्रतिदिन 13229 टन कूड़ा उत्पन्न होने का अनुमान है। बिजली बनाने के प्लांट ओखला और तेहखंड के विस्तार, गाजीपुर में नए प्लांट और 500 टन प्रतिदिन की क्षमता के चार बायोगैस प्लांट बनने से कूड़ा निस्तारण की क्षमता 14000 टन प्रतिदिन हो जाएगी।
दिल्ली में कूड़ा निकल रहा 11300 टन, निस्तारण सिर्फ 8010 टन का
अब एमसीडी की स्थायी समिति का भी गठन होने जा रहा है तो अब कूड़ा निस्तारण से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं में मंजूरी में भी देरी नहीं होगी।
निगम इसकी क्षमता एक हजार टन प्रतिदिन बढ़ाने पर काम कर रहा है। निगम की योजना है कि 31 मार्च 2027 तक इस कार्य को पूरा कर लिया जाए।
तेहखंड और गाजीपुर प्लांट की क्षमता बढ़ाने का चल रहा काम
इसी तरह तेहखंड के कूड़े से बिजली बनाने के संयंत्र की क्षमता एक हजार टन प्रतिदिन दिसंबर 2027 तक बढ़ जाएगी। गाजीपुर में भी 2000 टन प्रतिदिन कूड़ा निस्तारण के लिए कूड़े से बिजली बनाने का संयंत्र दिसंबर 2028 तक पूरा करने पर निगम कार्य कर रहा है।
इससे सीधे तौर पर चार हजार टन प्रतिदिन की क्षमता को कूड़े से बिजली बनाने के संयंत्रों से बढ़ जाएगी। जबकि 500 टन प्रतिदिन की क्षमता के चार बायोगैस संयंत्र स्थापित किए जाने की योजना भी 2027 तक के आखिर तक की है। इससे 2000 टन कूड़ा निस्तारित हो जाएगा।
उल्लेखनीय है कि निगम ने लक्ष्य रखा है दिसंबर 2028 तक तीनों कूड़े के पहाड़ों को पूरी तरह खत्म करके उस क्षेत्र को हरा भरा विकसित कर दिया जाए।
कितना कूड़ा उत्पन्न होता है
- एमसीडी क्षेत्र से निकल रहा कूड़ा 11000 टन प्रतिदिन
- एनडीएमसी 300 टन प्रतिदिन
- कुल कूड़ा रोज निकलता है 11300 टन
- अभी निस्तारित किया जा रहा कूड़ा 8010 टन प्रतिदिन है
| प्लांट | क्षमता |
| ओखला | 1550 |
| नरेला-बवाना | 2500 |
| गाजीपुर | 1300 |
| तेहखंड | 2000 |
| 211 क्षेत्रीय कंपोस्ट पिट | 600 |
| 20 कंपोस | 20 |
नोट: निस्तारण की मात्रा टन प्रतिदिन के हिसाब से है।
प्रस्तावित प्लांट से कितना निस्तारित हो जाएगा
- तेहतखंड में वर्तमान प्लांट से कूड़ा निस्तारण की क्षमता 2027 तक 1000 बढ़ जाएगी
- ओखला के वर्तमान प्लांट से कूड़ा निस्तारण की क्षमता 2027 तक 1000 बढ़ जाएगी: 1000
- गाजीपुर में नया वेस्ट टू एनर्जी प्लांट जो कि दिसंबर 2028 तक पूरा हो जाएगा, उसकी क्षमता 2000 होगी।
- 500 टन प्रतिदिन के चार बायोमीथेनेशन प्लांट बनाए जा रहे हैं जो कि 2028 तक चालू हो जाएंगे। इससे प्रतिदन 2000 टन कूड़ा निस्तारण की क्षमता बढ़ जाएगी
| वर्ष | कूड़ा |
| 2025 | 12059 |
| 2026 | 12391 |
| 2027 | 12803 |
| 2028 | 13229 |








