
प्रयागराज में 22 से 24 जून तक अंडर-20 राष्ट्रीय जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप का आयोजन होगा। मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में होने वाले इस आयोजन में देशभर से 1400 एथलीट भाग लेंगे। विभिन्न स्पर्धाएं आयोजित होंगी और स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह आयोजन प्रयागराज की खेल संस्कृति को बढ़ावा देगा।
संगम नगरी पहली बार 22 से 24 जून तक अंडर-20 राष्ट्रीय जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप की मेजबानी करेगी। भारतीय एथलेटिक्स फेडरेशन (एएफआई) ने मदन मोहन मालवीय स्टेडियम को इस प्रतिष्ठित आयोजन के लिए चुना है, जहां देशभर से लगभग 1400 युवा एथलीट हिस्सा लेंगे।
स्टेडियम में तैयार सिंथेटिक ट्रैक और उन्नत सुविधाओं के बाद यह उपलब्धि शहर के हाथ लगी है। इस चैंपियनशिप में स्प्रिंट (100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर), बाधा दौड़ (हर्डल रेस) (110 मीटर, 400 मीटर), रिले (4×100 मीटर, 4×400 मीटर), मध्य दूरी और लंबी दूरी स्टीपलचेज (800 मी, 1500 मी, 5000 मी, 10000 मी, 3000 मी), वाक रेस, जंप (हाई जंप, लांग जंप, ट्रिपल जंप, पोल वाल्ट), थ्रो (भाला, डिस्कस, हैमर, शाट पुट), इसके अलावा कम्बाइंड इवेंट्स (हेप्टाथलान, डेकाथलान) आदि की प्रतियोगिता होगी।
एएफआई के मानकों के अनुसार, चैंपियनशिप के लिए स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय स्तर का सिंथेटिक ट्रैक, सटीक माप के लिए डिजिटल उपकरण, और खिलाड़ियों के लिए विश्राम कक्ष, चिकित्सा सुविधाएं, और डोपिंग टेस्ट सेंटर अनिवार्य हैं।
इसके अलावा, स्वयंसेवकों और अधिकारियों का प्रशिक्षण भी शुरू हो चुका है। एथलेटिक्स कोच देवी प्रसाद बताते हैं कि यह आयोजन शहर की राष्ट्रीय स्तर पर खेल छवि को मजबूत करेगा। प्रयागराज की चर्चा राष्ट्रीय मंच पर होगी, जिससे भविष्य में और बड़े आयोजन आकर्षित होंगे।
एएफआई के टेक्निकल डेलीगेट्स रहेंगे मौजूद
इस चैंपियनशिप के सफल आयोजन के लिए एएफआई के टेक्निकल डेलीगेट्स को भी यहां तैनाती दी गई है। ताकि आयोजन की निष्पक्षता और मानकों की पालना सुनिश्चित किया जा सके। वे ट्रैक माप, उपकरणों की जांच, समय और रिकार्ड की सटीकता, और नियमों का पालन देखेंगे। डोपिंग टेस्ट और विवादों के निपटारे में भी उनकी भूमिका अहम होगी।
यह चैंपियनशिप प्रयागराज में खेल संस्कृति को बढ़ावा देगी। स्थानीय स्तर पर एथलेटिक्स अकादमियों और प्रशिक्षण केंद्रों को प्रोत्साहन मिलेगा। युवा खिलाड़ियों में प्रतिस्पर्धी भावना जागेगी, और शहर राष्ट्रीय खेल नक्शे पर एक नया केंद्र बनकर उभरेगा। यह आयोजन न केवल खेल, बल्कि सामाजिक-आर्थिक विकास में भी योगदान देगा। – मो. रुस्तम खान, सचिव, जिला एथलेटिक संघ








