
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में सुरक्षा गार्ड और छात्रों के बीच हुई झड़प के बाद छात्रों का धरना जारी है। दस छात्रों और एक किसान ने क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर दी है। छात्रों ने मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई है। इनेलो अध्यक्ष अभय चौटाला ने छात्रों का समर्थन किया और विधानसभा में आवाज उठाने का आश्वासन दिया। दुष्यंत चौटाला ने भी छात्रों पर लाठीचार्ज की निंदा की है।
10 जून को हुआ था झगड़ा
हकृवि में 10 जून को सुरक्षा गार्ड और विद्यार्थियों के बीच कुलपति कार्यालय के बाहर झगड़ा हो गया था। कुलपति आवास पर सुरक्षा गार्ड व प्रोफेसर पर लाठीचार्ज करने के आरोप लगे थे।
10 दिन से चल रहे धरने पर वीरवार को 10 विद्यार्थी और एक किसान क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। कमेटी ने फैसला लिया कि अब हर रोज नए छात्र क्रमिक भूख हड़ताल करेंगे।
विधायक से बोले आंदोलनकारी- अपनी लड़ाई खुद लड़ेंगे
निहत्थे छात्रों पर लाठी चार्ज निंदनीय : दुष्यंत चौटाला बावल: चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय हिसार के आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में बावल कृषि कॉलेज में पिछले नौ दिन से विद्यार्थी धरना दे रहे हैं। बृहस्पतिवार को इन विद्यार्थियों को समर्थन देने के लिए पूर्व उप मुख्यमंत्री चौ. दुष्यंत चौटाला पहुंचें।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की मिलीभगत से विवि प्रशासन द्वारा छात्रों के साथ बुरा बर्ताव किया जा रहा है। छात्रों को पीटा जा रहा है। छात्रों की मांगें जायज है। तीन दिन पूर्व बावल के कॉलेज में छात्रों को जबरन उठाकर परीक्षा के लिए ले जाना भी चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि हिसार में निहत्थे छात्रों पर लाठी चार्ज की गई, जो निंदनीय है, लेकिन सरकार द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई।
दुर्भाग्य है विवि स्कॉलरशिप को काट रही: चौटाला
इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने कहा कि हकृवि के विद्यार्थियों की आवाज को दबाया जा रहा है। पहले विश्वविद्यालय ने स्कॉलरशिप को काटा और फिर उसे वापस दे दिया। पहले उसे काटा ही क्यों गया यह बताना चाहिए। अच्छे संस्थान स्कॉलरशिप दे रहे हैं और यहां पर काटी जा रही है।
वह विद्यार्थियों की आवाज को विधानसभा तक उठाएंगे। साथ ही मुख्यमंत्री और राज्यपाल से बातचीत भी करेंगे। चौटाला वीरवार को हकृवि के चार नंबर गेट पर चल रहे विद्यार्थियों के धरने को समर्थन देने के लिए पहुंचे थे।
बढ़ती महंगाई को ध्यान में रखते हुए स्कॉलरशिप 10 हजार से 15 हजार करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी एचएयू के छात्र रहे हैं और उनके समय में भी छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते थे और वीसी को उनकी मांगे मानने पर मजबूर होना पड़ता था। छात्र और टीचर के बीच में जहर घोलकर वीसी ने ऐसे हालात यूनिवर्सिटी में पैदा कर दिए हैं कि प्रोफेसर ने छात्रों को पीटा जिसकी जितनी निंदा की जाए कम है।








