
अहमदाबाद विमान हादसे में दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी को जेपी नड्डा, भूपेंद्र पटेल और सीआर पाटिल सहित कई नेताओं ने श्रद्धांजलि दी। नड्डा ने उन्हें भाजपा की विचारधारा का प्रतीक बताया।
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और गुजरात बीजेपी प्रमुख व केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल सहित कई नेताओं ने शुक्रवार को अहमदाबाद में आयोजित एक शोक सभा में पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी को श्रद्धांजलि दी। रूपाणी का 12 जून को हुए एक दर्दनाक विमान हादसे में निधन हो गया था। इस शोक सभा में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और वरिष्ठ नेता वी. सतीश भी मौजूद थे। रूपाणी की पत्नी अंजलिबेन, बेटी राधिका और बेटे ऋषभ भी इस मौके पर उपस्थित थे।
‘वह भारतीय विचारधारा को जीने वाले व्यक्ति थे’
नड्डा ने अपने संबोधन में कहा, ‘विजय भाई भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता के साथ ही भारतीय विचारधारा को जीने वाले व्यक्ति थे। यह नुकसान सिर्फ उनके परिवार का नहीं, बल्कि बीजेपी के हर कार्यकर्ता का निजी नुकसान है। अगर हमें उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि देनी है, तो हमें उनके जैसा कार्यकर्ता बनकर उनकी विरासत को जिंदा रखना होगा।’ नड्डा ने कहा कि रूपाणी ने बीजेपी की विचारधारा को आत्मसात किया और मेहनत, समर्पण और निष्ठा के साथ पार्टी में ऊंचाइयों तक पहुंचे।
‘विजय रूपाणी पार्टी के एक अनुशासित सिपाही थे’
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा, ‘विजय रूपाणी पार्टी के एक अनुशासित सिपाही थे। उन्होंने अपनी आखिरी सांस तक पार्टी के लिए काम किया। तौकते तूफान और कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने गुजरात को मजबूती से संभाला। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी जनसेवा में समर्पित कर दी।’ गुजरात बीजेपी प्रमुख सीआर पाटिल ने कहा कि रूपाणी ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ता के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की और पार्टी ने उन्हें जो भी जिम्मेदारी दी, उसमें उन्होंने अपनी काबिलियत साबित की।
12 जून को दुर्घटनाग्रस्त हुआ था एयर इंडिया का प्लेन
विजय रूपाणी दो बार गुजरात के मुख्यमंत्री रहे। विमान हादसे के वक्त वे बीजेपी के पंजाब प्रभारी थे। 12 जून को एयर इंडिया की अहमदाबाद-लंदन फ्लाइट सरदार वल्लभभाई पटेल एयरपोर्ट से दोपहर 1:39 बजे उड़ान भरने के कुछ ही पलों बाद मेघानीनगर में एक मेडिकल कॉलेज परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में विमान में सवार 242 में से 241 लोगों और जमीन पर मौजूद 29 लोगों, जिनमें 5 एमबीबीएस छात्र शामिल थे, की मौत हो गई।








