
भारतीय अंतरिक्ष यात्री और एयरफोर्स के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में पहुंचते ही अब एक नया इतिहास रच दिया है। उनका अंतरिक्ष अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में डॉकिंग कर चुका है।
भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला का स्पेसक्राफ्ट इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में डॉकिंग कर चुका है। यह पूरे देश के लिए बेहद गौरवशाली पल है। इस पल का पूरे देशवासियों को बेसब्री से इंतजार था। शुभांशु शुक्ला 41 साल बाद अंतरिक्ष में पहुंचने वाले दूसरे भारतीय हैं। उनसे पहले राकेश शर्मा पहली बार भारत की ओर से अंतरिक्ष में उतरे थे। नासा ने शुभांशु शुक्ला के स्पेसक्रॉफ्ट के डॉकिंग का पूरा लाइव प्रसारण किया है। जिसे इस लिंक पर देखा जा सकता है। वह अगले 14 दिनों तक अंतरिक्ष में रहकर विभिन्न तरह की खोज करेंगे।
शुभांशु शुक्ला की मां हुई डॉकिंग के वक्त भावुक
भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की मां आशा शुक्ला उस वक्त बेहद भावुक हो गईं, जब उनके बेटे के अंतरिक्ष यान ने अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन में डॉकिंग की। वह अपने भावुकता के आंसुओं को पोंछती दिखाई दे रही हैं। वाकई यह देश को गौरवान्वित और भावुक कर देने वाला ऐतिहासिक पल है।
डॉकिंग के वक्त शुभांशु के स्कूल की लाइव तस्वीरें
आईएसएस में शुभांशु के अंतरिक्ष यान की डॉकिंग के वक्त की उनके लखनऊ के स्कूल से लाइव तस्वीरें सामने आ रही हैं, जहां उनके अभिभावक और शिक्षकगणों के साथ स्कूली छात्र काफी प्रोत्साहित और उत्साहित नजर आ रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शुभांशु शुक्ला को दी बधाई
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शुभांशु शुक्ला की अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन में डॉकिंग होने के बाद ट्वीट करके बधाई दी है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने ट्वीट किया, “बधाई हो #Axiom4! डॉकिंग सफल रही। शुभांशु अब अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन #ISS के द्वार पर खड़ा है… 14 दिनों की अंतरिक्ष यात्रा में प्रवेश करने की प्रतीक्षा में… जबकि पूरी दुनिया उत्साह और अपेक्षा के साथ देख रही है।”
आईएसएस में कैसे डॉक हुआ शुभांशु का अंतरिक्ष यान
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में शुभांशु शुक्ला का अंतरिक्ष यान कैसे डॉकिंग किया गया, उसे यहां लाइव वीडियो में देख सकते हैं। यह पल हर एक भारतीय को रोमांचित करने वाला है। यह भारत के तिरंगे को अंतरिक्ष में लहरा कर पूरी दुनिया को बड़ा संदेश देने वाला है।
डॉकिंग के बाद शुभांशु शुक्ला की मां का बड़ा बयान
Axiom Mission4 के अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से सफलतापूर्वक डॉकिंग के बाद भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री शुभांशुशुक्ला की मां आशा शुक्ला ने कहा, “डॉकिंग सफलतापूर्वक हुई है। यह बहुत गर्व की बात है। यह सभी के लिए अच्छा है। हम बहुत खुश हैं… हमने हर दिन प्रार्थना की। बहुत अच्छा लग रहा है। हम भगवान से प्रार्थना करते हैं कि वे अपना कर्तव्य अच्छे से निभाएं और सुरक्षित धरती पर लौटें… इसका सारा श्रेय मेरे बेटे और उसकी मेहनत व लगन को जाता है। केवल इसी ने उसे इस ऊंचाई तक पहुँचाया है।
पिता शंभू दयाल ने कहा- भगवान ने दिया आशीर्वाद
Axiom Mission 4 की अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से सफल डॉकिंग परअंतरिक्ष यात्री शुभांशुशुक्ला के पिता शंभू दयाल शुक्ला ने कहा, “हम बहुत प्रसन्न हैं। हमें बहुत अच्छा लग रहा है। हमारे बेटे की डॉकिंग सफल रही। हम भगवान के बेहद आभारी हैं। हमने भगवान से प्रार्थना की थी और भगवान ने हमारे बेटे को भरपूर आशीर्वाद दिया है…”
शुभांशु की बहन ने क्या कहा?
शुभांशु शुक्ला के अंतरिक्ष यान के सफल डॉकिंग पर, भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की बहन शुचि मिश्रा ने कहा, “हम कई दिनों से इसका इंतजार कर रहे थे और हर दिन सफल लॉन्च और डॉकिंग के लिए प्रार्थना कर रहे थे। आज वह पल आया है। हम बहुत खुश हैं और उन पर गर्व है… यहां तक पहुंचना आसान नहीं होता। इसमें बहुत मेहनत, प्रयास और समय लगता है। उन्होंने अपनी पूरी लगन से काम किया और यहां तक पहुंचे।”
अटलांटिक महासागर के ऊपर से गुजरा यान
अंतरिक्ष यान ‘ड्रैगन’ के अंतरिक्ष प्रयोगशाला से जुड़ने के साथ ही बृहस्पतिवार को भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला और तीन अन्य यात्री अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पहुंच गए। अंतरिक्ष यान उस समय अंतरिक्ष स्टेशन से जुड़ा, जब यह भारतीय समयानुसार अपराह्न 4:01 बजे उत्तरी अटलांटिक महासागर के ऊपर से गुजर रहा था। यह पहली बार है जब कोई भारतीय अंतरिक्ष यात्री आईएसएस की यात्रा पर गया है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के एक लाइव वीडियो में अंतरिक्ष यान को अंतरिक्ष स्टेशन के पास आते हुए दिखाया गया और ‘डॉकिंग’ प्रक्रिया भारतीय समयानुसार शाम 4:15 बजे पूरी हुई। एक्सिओम-4 मिशन के अंतरिक्ष यात्री बुधवार को फ्लोरिडा के कैनेडी अंतरिक्ष केंद्र से आईएसएस की यात्रा पर निकले थे।








