इस हमले से एक बार फिर यह स्पष्ट हो गया है कि रूस युद्ध खत्म करने के बजाय हमलों को और तेज कर रहा है। इससे न केवल यूक्रेन में तबाही बढ़ी है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी तनाव और अस्थिरता की आशंका गहरा गई है।
रूस और यूक्रेन के बीच 3 साल से अधिक समय से जारी जंग लगातार विकराल होती जा रही है। इधर रूस यूक्रेन पर पहले की तुलना में कई गुना अधिक हमलावर हो गया है। रूस ने शुक्रवार रात यूक्रेन के विभिन्न हिस्सों पर सैकड़ों ड्रोन और दर्जनों क्रूज मिसाइलों से एक बड़ा हमला किया, जिससे युद्धविराम की संभावनाओं को करारा झटका लगा है। इस हमले के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई। यह हमला उस समय हुआ जब यूक्रेन और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से तीन साल से जारी युद्ध को समाप्त करने की कोशिशें फिर से शुरू की जा रही थीं।
हमले में 300 से ज्यादा ड्रोन का इस्तेमाल
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए बताया कि रूस ने 300 से अधिक ईरान निर्मित ड्रोन और 30 से अधिक क्रूज मिसाइलों से यूक्रेनी ठिकानों को निशाना बनाया। यह हमला हाल के महीनों में सबसे बड़ा और संगठित बताया जा रहा है। इस हमले के बाद यूक्रेन के कई रिहाइशी इलाकों में आग लग गई। यूक्रेन के दमकलकर्मी आग को बुझाने में जुटे थे।
ओडेसा में गिरे 20 से ज्यादा ड्रोन
ओडेसा शहर के मेयर हेन्नादी ट्रूखानोव ने शनिवार को ‘टेलीग्राम’ पर बताया कि काला सागर के तटीय शहर ओडेसा में रूस ने 20 से अधिक ड्रोन और एक मिसाइल से हमला किया। इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई। जबकि एक ऊंची रिहायशी इमारत में आग लग गई। इसमें एक बच्चे सहित कम से कम छह लोग घायल हो गए हैं।
यूक्रेन की नागरिक संचरनाओं को खत्म करना रूस का मकसद
हमले से बौखलाए राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि रूसी हमलों का मकसद यूक्रेन की नागरिक संरचनाओं और ऊर्जा संसाधनों को तबाह करना है। उन्होंने बताया कि उत्तरपूर्वी सुमी क्षेत्र में भी कई ड्रोन और मिसाइल हमले हुए, जिससे वहां के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। यूक्रेनी वायुसेना के अनुसार कई ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराया गया, लेकिन कुछ फिर भी अपने लक्ष्य तक पहुंचने में कामयाब रहे। स्थानीय नागरिकों से बंकरों में रहने और सतर्क रहने की अपील की गई है।








