‘महाराष्ट्र की सत्ता में मुसलमानों को भी मिले हिस्सेदारी’, पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी का बयान

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बाबा सिद्दीकी ने बीजेपी नेता नितेश राणे की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि राणे बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं को खुश करने के लिए मुसलमानों को लेकर इस तरह के बयान दे रहे हैं। यह महाराष्ट्र की संस्कृति नहीं है।

महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी ने कहा है कि अब तक सभी पार्टियों ने मुस्लिम समुदाय को कढ़ी पत्ते की तरह इस्तेमाल किया है और उन्हें कभी भी सत्ता में हिस्सेदारी नहीं दी। इसलिए हमारी मांग है कि आगामी विधानसभा चुनाव में मुसलमानों को भी सत्ता में एक प्रतिशत हिस्सेदारी मिलनी चाहिए।

वक्फ बोर्ड बिल का 100 फीसदी विरोध होना चाहिए- बाबा सिद्दीकी

बीड शहर में आयोजित अल्पसंख्यक बैठक के मौके पर मीडिया से बातचीत के दौरान बाबा सिद्दीकी ने विपक्ष की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि जब वक्फ बोर्ड बिल संसद में पेश किया गया तो महाराष्ट्र के विपक्षी दल के नौ सांसद विरोध में बैठे थे। क्या यह दिल्ली में वक्फ बिल के संबंध में महत्वपूर्ण नहीं था? उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड बिल का 100 फीसदी विरोध होना चाहिए।

बाबा सिद्दीकी ने नितेश राणे की आलोचना की

बाबा सिद्दीकी ने बीजेपी नेता नितेश राणे की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि राणे बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं को खुश करने के लिए मुसलमानों को लेकर इस तरह के बयान दे रहे हैं। यह महाराष्ट्र की संस्कृति नहीं है।

कांग्रेस से इस्तीफा देकर अजीत गुट की एनसीपी में हुए हैं शामिल

बता दें कि लोकसभा चुनाव से पहले पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी अजीत पवार की गुट वाली एनसीपी में शामिल हो गए थे। उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल और राज्य इकाई के अध्यक्ष सुनील तटकरे सहित राकांपा के शीर्ष नेताओं ने पार्टी में उनका स्वागत किया था। वह कांग्रेस से इस्तीफा देकर एनसीपी में शामिल हुए थे। सिद्दीकी मुंबई के बड़े अल्पसंख्यक चेहरा हैं। वह 1999, 2004 और 2009 में लगातार तीन बार विधायक रहे। उन्होंने प्रदेश के खाद्य और नागरिक आपूर्ति राज्य मंत्री के रूप में भी काम किया है। वह निगम पार्षद भी रह चुके हैं।

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Author: Red Max Media

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