बोत्सवाना में ५८ साल बाद सत्ता परिवर्तन

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बोत्सवाना में ५८ साल बाद सत्ता परिवर्तन

राष्ट्रपति मासीसी की पार्टी बीडीपी ने 1966 में बोत्सवाना की स्वतंत्रता के बाद से लगभग छह दशक तक देश कर राजनीति पर अपना वर्चस्व कायम रखा। मगर इस बार बुरी तरह चुनाव हार गई।

बोत्सवाना चुनाव में बड़े उलटफेर होने की खबर सामने आ रही है। यहां 58 साल से सत्ता में रहने वाली पार्टी चुनाव हार गई है। लोगों ने इस देश में अबकी बार बदलाव के लिए वोट किया है। बोत्सवाना के राष्ट्रपति मोगवेत्सी मासीसी ने शुक्रवार को आम चुनाव में मिले इस झटके के बाद अपनी हार स्वीकार कर ली है। इसके साथ ही 1966 में ब्रिटेन से आजादी मिलने के बाद से सत्ता पर काबिज सत्तारूढ़ पार्टी का 58 साल पुराना शासन समाप्त हो गया।

बता दें कि मासीसी ने अंतिम परिणाम घोषित होने से पहले ही अपनी हार स्वीकार कर ली। शुरुआती परिणामों के अनुसार उनकी ‘बोत्सवाना डेमोक्रेटिक पार्टी’ (बीडीपी) संसदीय चुनावों में चौथे स्थान पर है। मुख्य विपक्षी दल ‘अम्ब्रेला फॉर डेमोक्रेटिक चेंज’ ने शुरुआती परिणामों में मजबूत बढ़त हासिल की, जिससे डुमा बोको दक्षिणी अफ्रीकी देश बोत्सवाना के राष्ट्रपति बनने के लिए पसंदीदा उम्मीदवार बन गए हैं।

मासीसी ने बोको को किया फोन

राष्ट्रपति मासीसी ने कहा कि उन्होंने बोको को फोन करके सूचित किया था कि वह हार स्वीकार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बोको अब प्रभावी रूप से निर्वाचित राष्ट्रपति हैं। अंतिम परिणाम शुक्रवार के बाद घोषित होने की संभावना है, लेकिन बीडीपी को बहुमत मिलने का कोई रास्ता नहीं है। मासीसी ने मतदान के दो दिन बाद शुक्रवार सुबह संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘मैं चुनाव में हार स्वीकार करता हूं। मुझे हमारी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर गर्व है। मैं दूसरा कार्यकाल चाहता था, लेकिन मैं सम्मानपूर्वक पद से हटूंगा और सत्ता परिवर्तन की सुचारू प्रक्रिया में भाग लूंगा।’’ मासीसी ने कहा, ‘‘मैं आगामी शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने और अपने उत्तराधिकारी का उत्साहवर्धन करने के लिए उत्सुक हूं। मैं उन्हें समर्थन दूंगा।’’

सिर्फ 25 लाख की आबादी 

बता दें कि मात्र 25 लाख की आबादी वाले इस देश पर अब लोकतांत्रिक इतिहास में पहली बार किसी अन्य पार्टी का शासन होगा। शुरुआती गणना के अनुसार, अब तक ‘अम्ब्रेला फॉर डेमोक्रेटिक चेंज’ ने 61 संसदीय सीट में से 25 पर जीत हासिल की है। बहुमत हासिल करने के लिए उसे 31 सीट की जरूरत है। ‘बोत्सवाना कांग्रेस पार्टी’ के पास सात सीट हैं, ‘बोत्सवाना पैट्रियटिक फ्रंट’ के पास पांच सीट हैं और सत्तारूढ़ बीडीपी के पास सिर्फ तीन सीट हैं। मासीसी (63) ने कहा, ‘‘हम यह चुनाव बुरी तरह हार गए हैं।’’

Red Max Media
Author: Red Max Media

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