महाराष्ट्र: वर्ली सीट पर दिलचस्प मुकाबला

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संदीप देशपांडे, आदित्य ठाकरे और मिलिंद देवडा

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 20 नवंबर को होगा और नतीजे 23 नवंबर को आएंगे। प्रदेश की वर्ली सीट पर इस बार आदित्य ठाकरे, मिलिंद देवड़ा और संदीप देशपांडे के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। देखना होगा वर्ली सीट पर जीत किसे मिलती है?

वर्ली विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र महाराष्ट्र की 288 सीटों में से एक है, जहां 20 नवंबर को मतदान होना है। वर्तमान में इस सीट से शिवसेना (यूबीटी) के आदित्य ठाकरे विधायक हैं। वर्ली पांच विधानसभा क्षेत्रों -बायकुला, मालाबार हिल, मुंबादेवी, कोलाबा और शिवड़ी के साथ मुंबई दक्षिण लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का हिस्सा है। यह सीट 1962 में स्थापित हुई जो एक अनारक्षित निर्वाचन क्षेत्र है जिसे शिवसेना का गढ़ माना जाता है।

वर्ली सीट के प्रमुख दावेदार 

इस सीट पर इस बार के चुनाव में मुख्य रूप से शिव सेना (यूबीटी) के आदित्य ठाकरे और शिव सेना (एकनाथ शिंदे गुट) के नेता मिलिंद देवड़ा और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के संदीप देशपांडे चुनावी मैदान में हैं, जिससे इस सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा। देवड़ा के बारे में ये जानना दिलचस्प है कि उन्होंने जनवरी 2024 में कांग्रेस छोड़ दिया था और महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना गुट में शामिल हो गए।

वर्ली में रहा है शिवसेना का दबदबा

2019 के विधानसभा चुनावों में, आदित्य ठाकरे वर्ली निर्वाचन क्षेत्र से सुरेश माने को हराकर विजयी हुए थे जिन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के टिकट पर चुनाव लड़ा था। महाराष्ट्र में 2019 विधानसभा चुनाव में, शिवसेना उम्मीदवार आदित्य उद्धव ठाकरे ने वर्ली सीट पर 67,000 से अधिक वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी। 2014 में भी, इस सीट पर शिवसेना का दबदबा रहा और सुनील शिंदे ने एनसीपी के सचिन अहीर को 23,000 से अधिक वोटों के अंतर से हराया था।

इस बार शिवसेना बनाम शिवसेना में सियासी जंग

साल 1962, 1967 और 1972 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने वर्ली सीट तीन बार जीती थी जबकि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने 1978 में कांग्रेस से यह सीट छीन ली थी। हालांकि, वर्ली विधानसभा सीट पर सबसे अधिक बार जीत शिवसेना ने ही हासिल की है। 1990 से 2004 तक पार्टी ने लगातार चारों विधानसभा चुनाव जीते हैं। इस बार शिवसेना (यूबीटी) और शिवसेना (शिंदे) में ही मुकाबला है तो देखना दिलचस्प होगा कि इस बार जीत शिवसेना के किस गुट को मिलेगी

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Author: Red Max Media

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