
गैंगस्टर गोल्डी बरार ने बीबीसी को दिए इंटरव्यू में पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या की जिम्मेदारी ली है। बरार ने कहा कि मूसेवाला ऐसे कामों में शामिल था जिसके कारण उसकी हत्या ज़रूरी थी। उसने माना कि गांव में कबड्डी टूर्नामेंट के प्रचार से शुरू हुई कलह विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या के बाद दुश्मनी में बदल गई।
गोल्डी बरार गैंग के निशाने पर थे मुसेवाला
माना गया कि कबड्डी टूर्नामेंट प्रतिद्वंद्वी बंबीहा गिरोह करवा रहा था और मिड्डूखेड़ा की हत्या में सिद्धू मूसेवाला के दोस्त और मैनेजर शगनप्रीत का हाथ था। पुलिस ने भी आरोप पत्र में शगनप्रीत का नाम शामिल किया है, फिलहाल वह फरार है। इसके बाद मूसेवाला लारेंस बिश्नोई-गोल्डी बरार गैंग के निशाने पर आ गए थे।
लारेंस बिश्नोई ने की थी मूसेवाला के गानों की तारीफ
मतभेद और कलह के मामलों में मूसेवाला ने कभी सफाई देने की कोशिश भी नहीं की, उल्टे उनके गाने प्रतिद्वंद्वियों को चुनौती देने वाले प्रतीत होते थे। ऐसा तब हुआ जब कुछ साल पहले लारेंस बिश्नोई ने जेल से मूसेवाला को फोन कर उनके गानों की तारीफ की थी। उसके बाद दोनों के बीच शुभकामना संदेशों का आदान-प्रदान होने लगा था।
वाइस नोट में गोल्डी बरार ने किए कई खुलासे
वाइस नोट के जरिये हुई वार्ता में गोल्डी बरार ने कहा, मूसेवाला हमारे प्रतिद्वंद्वी गिरोह को बढ़ावा देने वाले कार्यों से जुड़ा था। यह बात पंजाब के सभी लोग जानते थे। उसे कोई गिरफ्तार नहीं कर सकता था। हम समझ गए कि आम आदमी को कानून से न्याय नहीं मिल सकता है। ऐसे में साथी मिड्डूखेड़ा की हत्या के बाद मूसेवाला को मारने के अलावा हमारे पास कोई रास्ता नहीं बचा था।
तीन साल पहले हुई थी मुसेवाला की हत्या
सिद्धू मूसेवाला के नाम से प्रसिद्ध शुभदीप सिंह सिद्धू को पंजाब के मानसा जिले में 29 मई, 2022 को तब गोलियों से भून दिया गया था जब वह अपने चचेरे भाई और एक दोस्त के साथ कार से जा रहे थे। पहले उनकी कार को टक्कर मारकर रोका गया और उसके बाद दो कारों से निकलकर छह हमलावरों ने मूसेवाला और उनके साथ के लोगों पर फायरिंग की।
पोस्टमार्टम में मूसेवाला के शव पर गोलियों के 24 निशान मिले थे। हत्यारों की तलाश में पुलिस की कार्रवाई के दौरान मुठभेड़ में दो लोग मारे गए थे जबकि कई गिरफ्तार हुए हैं। मामले की अभी न्यायालय में सुनवाई चल रही है।








