कनाडा के कॉलेज भारत में चला रहे मानव तस्करी का नेटवर्क

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संस्थाओं ने कमीशन के आधार पर कनाडा के कॉलेजों से किया था मानव तस्करी का समझौता (File Image)

कनाडा के 260 से अधिक कॉलेज भारत में मानव तस्करी के अपराधों में शामिल रहे हैं और यहां के नेटवर्कों के साथ मिलकर कई लोगों को अवैध रूप से अमेरिका पहुंचाने का झांसा दिया है। यह खुलासा किया है प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने। ईडी ने बताया कि इसके लिए एक व्यक्ति से 55 से 60 लाख रुपये तक वसूले जाते थे।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मानव तस्करी से जुड़े एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए बताया है कि 262 कनाडाई कॉलेजों ने कथित तौर पर बड़े पैमाने पर मानव तस्करी नेटवर्क में शामिल दो भारतीय संस्थाओं के साथ समझौता किया था। ईडी के अनुसार, एक मामले में इसकी जांच से पता चला है कि कनाडा स्थित लगभग 112 कॉलेजों ने एक संस्था के साथ और 150 से अधिक ने दूसरी संस्था के साथ समझौता किया है। 

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार ईडी ने एक बयान में कहा, ‘इसके अलावा यह पता चला है कि गुजरात में लगभग 1700 एजेंट और साझेदार हैं और पूरे भारत में अन्य संस्थाओं के लगभग 3500 एजेंट और साझेदार हैं और जिनमें से लगभग 800 सक्रिय हैं।’ 

अवैध रूप से अमेरिका भेजने की सुनियोजित साजिश

यह खुलासा ईडी द्वारा डीसीबी, अपराध शाखा, अहमदाबाद की ओर से भावेश अशोकभाई पटेल और अन्य के खिलाफ दर्ज की गई प्राथमिकी के आधार पर शुरू किए गए एक मामले की जांच के दौरान हुआ है, जब गुजरात के डिंगुचा गांव के चार भारतीय नागरिकों का परिवार 19 जनवरी, 2022 को कनाडा-अमेरिका सीमा पर मृत पाया गया था।

ईडी के अहमदाबाद क्षेत्रीय कार्यालय ने भावेश अशोकभाई पटेल और अन्य (डिंगुचा मामला) के मामले में चल रही जांच के तहत मुंबई, नागपुर, गांधीनगर और वडोदरा में आठ स्थानों पर 10 और 19 दिसंबर को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत तलाशी अभियान भी चलाया था, जिसमें पीड़ितों और व्यक्तियों को अवैध चैनल के माध्यम से कनाडा के माध्यम से यूएसए भेजने की सुनियोजित साजिश रची गई थी, जिससे मानव तस्करी का अपराध हुआ। 

एक व्यक्ति से वसूले जाते थे 55 से 60 लाख रुपये

ईडी ने कहा, ‘तलाशी अभियान के दौरान 19 लाख रुपये के बैंक खाते भी फ्रीज कर दिए गए और कई अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए।’ एजेंसी ने बताया कि इसके अलावा दो वाहन भी जब्त किए गए। ईडी के अनुसार, सभी आरोपियों ने एक-दूसरे के साथ मिलकर निर्दोष भारतीय नागरिकों को प्रति व्यक्ति 55 से 60 लाख रुपये की भारी रकम वसूल कर कनाडा के रास्ते अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश कराने का लालच दिया।

ईडी की जांच में दावा किया गया है कि भारतीय नागरिकों को अवैध रूप से अमेरिका भेजने के लिए आरोपियों ने कनाडा स्थित कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में प्रवेश की व्यवस्था की और इस तरह कनाडा के लिए छात्र वीजा के लिए आवेदन किया। एक बार जब वे कनाडा पहुंच गए तो कॉलेज में शामिल होने के बजाय, उन्होंने अवैध रूप से यूएस-कनाडा सीमा पार कर ली और कनाडा में कभी कॉलेज में शामिल नहीं हुए। 

दो संस्थाओं ने किया कॉलेजों से समझौता 

संघीय एजेंसी ने कहा, ‘इसके मद्देनजर कनाडा स्थित कॉलेजों द्वारा प्राप्त शुल्क को व्यक्तियों के खाते में वापस भेज दिया गया। यह पता चला है कि मुंबई और नागपुर स्थित दो संस्थाओं ने एक संस्था के साथ कमीशन के आधार पर विदेशों में स्थित विश्वविद्यालयों में छात्रों के प्रवेश के लिए समझौता किया है, जिससे अवैध रूप से अमेरिका में प्रवास करने के इच्छुक छात्रों ने संपर्क किया था।’

Red Max Media
Author: Red Max Media

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